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Delhi NCR News: वायु प्रदूषण से बढ़ सकता है पेट और आंतों के कैंसर का खतरा

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-दिल्ली में 15 साल तक के मरीजों में भी मिल रहे जीआई कैंसर के मामले
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भारत और ब्रिटेन के विशेषज्ञों ने जताई चिंता

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली समेत देश के कई शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। कैंसर विशेषज्ञों ने हवा में मौजूद बारीक कणों (पीएम2.5) और अन्य प्रदूषकों को पेट व आंतों के कैंसर के खतरे से जोड़ा है। नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल और ब्रिटेन के कैंसर केंद्र द क्रिस्टी एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यह मुद्दा उठा।
विशेषज्ञों ने बताया कि दिल्ली में 15 साल तक की उम्र के मरीजों में भी पाचन तंत्र से जुड़े कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। यह दो दिवसीय सम्मेलन 10 और 11 अक्तूबर को आयोजित होगा। इसमें पेट, आंत और पाचन तंत्र के अन्य कैंसर के इलाज, शुरुआती पहचान और बचाव पर चर्चा हो रही है।
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सर गंगा राम अस्पताल के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. श्याम अग्रवाल ने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए केवल तंबाकू, खानपान और जीवनशैली पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि लोगों के आसपास का वातावरण और प्रदूषण भी महत्वपूर्ण विषय हैं, जिनकी जांच की जानी चाहिए। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में कम उम्र के मरीज भी पाचन तंत्र के कैंसर के इलाज के लिए आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वर्ष 2026 में प्रकाशित एक शोध समीक्षा में वायु प्रदूषण और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों पर 70 अध्ययनों का विश्लेषण किया गया।
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कम उम्र में कैंसर के मामले
विशेषज्ञों ने जमीन के करीब मौजूद ओजोन को भी चिंता का विषय बताया। सर गंगा राम अस्पताल के सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और जीआई व एचपीबी ऑन्को-सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. सौमित्र रावत ने कहा कि कम उम्र में पाचन तंत्र के कैंसर का पता चलना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी एक कारण को जिम्मेदार ठहराने के बजाय सभी संभावित कारणों जैसे पारिवारिक इतिहास, आनुवंशिक कारण, खानपान, जीवनशैली, संक्रमण और पर्यावरण की जांच जरूरी है।
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