मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने सरकारी मदद देने व लॉटरी निकलने का झांसा देकर अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले दो फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया है। टीम ने मौके से दो सगे भाइयों समेत तीन को गिरफ्तार किया है, वहीं 22 कर्मियों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। टीम ने लैपटॉप, हार्ड डिस्क एवं साढ़े आठ लाख रुपये बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। जिले में इसी माह में यह चौथी कार्रवाई है और पांच कॉल सेंटर पकड़े जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के डीएसपी इंद्रजीत व जिला निरीक्षक हरीश बुद्धिराजा ने बताया कि दोनों ही कॉल सेंटरों में अमेरिका के लोगों को एक से पांच हजार डॉलर की सरकारी सहायता देने का झांसा दिया जाता था। झांसे में आने वाले लोगों से गूगल कार्ड के जरिये 100 से 500 डॉलर लिए जाते थे। इस सूचना के आधार पर बुधवार तड़के सोहना रोड स्थित स्पेज आईटी पार्क की चौथी मंजिल पर बने कार्यालयों में छापा मारा। यहां बिना बोर्ड लगाए दो कॉल सेंटर चल रहे थे।
एक कॉल सेंटर दो सगे भाई दिल्ली के लक्ष्मी नगर निवासी अंशुल (33) व अक्षय (34) चला रहे थे। इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। यहां मौजूद 6 युवक व 4 युवतियों से पूछताछ कर छोड़ दिया गया। साथ के कार्यालय में बने कॉलसेंटर में मौजूद 10 युवक व 2 युवतियों को भी पूछताछ के बाद छोड़ दिया। यह कॉल सेंटर इंदिरापुरम (गाजियाबाद) निवासी अंश सक्सेना चला रहा था, जो मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में पकड़ा गया।
पहले कॉल सेंटर में नौकरी करते थे
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी पहले फर्जी कॉल सेंटर में काम करते थे। यहां से काम सीखने के बाद उन्होंने अधिक रुपये कमाने के लिए अपना कॉल सेंटर शुरू किया। कॉल करने के लिए सॉफ्टवेयर के माध्यम से अमेरिका के लोगों का डाटा चोरी किया जाता था। फर्जी कॉल सेंटर में मौजूद स्टाफ लोगों को फोन कर उनसे ठगी करता था। अधिक ठगी करने वाले कर्मी को वेतन के साथ प्रोत्साहन राशि भी दी जाती थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।