2015 में दो चंद्रग्रहण होने के साथ-साथ दो सूर्यग्रहण भी होंगे। इनमें एक आंशिक और दूसरा पूर्ण सूर्यग्रहण होगा। खास बात यह है कि सूर्य ग्रहण इस बार किसी भी राशि को प्रभावित नहीं करेगा।
पहला चंद्रग्रहण चार अप्रैल को और दूसरा चंद्र ग्रहण 28 सितंबर को होगा। पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि इस बार एक भी सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। 20 मार्च 2015 को सूर्य ग्रहण है जो भारत में दृष्य नहीं है।
इसके बाद चार अप्रैल को चंद्रग्रहण है। हिंदू माह के अनुसार दोनों ग्रहण एक ही माह में पड़ रहे हैं। सूर्य ग्रहण अमावस्या को और चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को है।
शास्त्रों में कहा गया है कि एक माह में दो ग्रहण हों तो राजा को हानि होती है। इस ग्रहण से किसी शीर्ष नेता या देश की सेना को हानि हो सकती है।