बदलते मौसम के साथ डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और वायरल बुखार का प्रकोप शहर में जारी है। सोमवार को भी बीके सिविल अस्पताल में इन बीमारियों से पीड़ित लोगों का तांता लगा रहा।
सात मरीजों में चिकनगुनिया और चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। चिकनगुनिया संदिग्धों की संख्या 80 और डेंगू के 150 संदिग्ध मामले आ चुके हैं।
दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को ओपीडी खुलने पर हर एक डॉक्टर के चेंबर के आगे मरीजों की भीड़ देखी गई। इमरजेंसी वार्ड में भी मरीजों का तांता लगा रहा।
कम पड़ने पर एक बेड पर दो मरीजों को लिटाया गया। यहां तक कि नर्सिंग काउंटर पर भी मरीज को जगह देकर इलाज किया गया। सबसे ज्यादा मरीज जोड़ों और बदन में तेज दर्द, बुखार, शरीर पर चकत्ते से पीड़ित थे।
लक्षण के आधार पर इनका इलाज शुरू किए जाने के साथ ही डॉक्टरों ने खून आदि की जांच भी लिखी। इधर निजी अस्पताल से भेजे गए सात मरीजों के सैंपल में उन्हें चिकनगुनिया होने की पुष्टि हुई।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रामभगत ने बताया कि निजी अस्पतालों को आदेश दिए हैं कि लगातार मरीजों की स्थिति और डिस्चार्ज करने के बाद भी उनकी सूचना दें।
उन्होंने बताया कि डेंगू के चार नए मामलों की पुष्टि हुई है। विभाग ने डेंगू पीड़ितों के 50 घरों के आसपास दवाई का छिड़काव करा दिया है। एक टीम गठित की गई है जो पीड़ितों के परिजनों से संपर्क में रहती है।
वहीं मलेरिया के भी मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। सप्ताह के पहले दिन मलेरिया के 10 मामले आए हैं। इन सभी के परिजनों से संपर्क करके विभाग ने ब्लड स्लाइड तैयार कराकर जांच के लिए आईडीएसपी लैब में भेजी दी है।
उन्होंने बताया कि अब तक डेंगू के 19 चिकनगुनिया के 15 और मलेरिया के 82 मामले हुए हैं। विभाग इन मामलों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयासरत है।