पुराने मामले में वांछित अपराधी की गिरफ्तारी के बाद गांव बावला में दो गुटों के बीच संघर्ष हो गया। जिसमें करीबन दो दर्जन लोगों के घायल होने की खबर है। जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। संघर्ष में गोलियां चलने और कुछ घरों में तोड़ फोड़ व लूटपाट करने की भी खबर है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने गांव में पहुंच स्थिति को काबू किया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस से प्राप्त जानकारी गांव बावला निवासी खालिद पुत्र अलमुद्दीन लूट, डकैती, हत्या की साजिश सहित कई संगीन मामलों में वांछित है।
वह काफी समय से फरार चल रहा था। शनिवार को पुलिस की एक टीम ने तावडू से उसे पकड़ लिया। खालिद के पकड़े जाने की सूचना जब उसके परिजनों को लगी तो उन्होंने गांव के अपने विरोधी पक्ष के लोगों पर हमला कर दिया।
दोनों पक्षों में संघर्ष हुआ तो गोलियां भी चलीं और पथराव भी हुआ। इस घटना में दो दर्जन लोग घायल हो गए। जिनमें से तीन व्यक्तियों की हालत गंभीर बताई गई है। उप निरीक्षक बलवंत ने बताया कि शनिवार को मुखबिर की सूचना पर लूट, हत्या की साजिश, डकैती सहित कई मामले में वांछित गांव बावला निवासी खालिद को तावडू से पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
गिरतारी के बाद गांव में झगड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति के ऊपर बिलासपुर, गुड़गांव, झज्जर व तावडू के थानों में मामले दर्ज हैं। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। समाचार लिखे जाने तक इस बाबत कोई मामला दर्ज नहीं हो पाया था।