पुन्हाना के गांव अहमदबास में अज्ञात बीमारी से दो बच्चों की मौत हो चुकी है जबकी करीब तीन दर्जन बच्चे अभी भी इस बीमारी से पीडित हैं।
गांव वालों ने स्वाथ्य विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है जबकी मेवात सिविल सर्जन ने बच्चों की मौत और ऐसी कोई बीमारी होने से इंकार किया है। सीएमओं ने बताया कि गांव वालों की शिकायत पर जांच के लिये टीम भेज दी है।
गांव अहमदबास निवासी रफीक अहमद मेवाती ने बताया कि उनके गांव में करीब डेढ माह से अज्ञात बिमारी फैली हुई है। गांव वाले इस बिमारी को गलघोटू की बिमारी बता रहे हैं जबकी जो डाक्टरों की टीम आई थी वह इसे इथोपिया की बिमारी बता रहे हैं।
रफीक ने बताया कि गांव की पाचं वर्षीय सौफिया पुत्री इमरान की एक माह पहले तथा गांव के शमशुदीन की की सात वर्षीय बेटी साईना की आठ दिन पहले मौत हो चुकी है। इसके अलावा गांव में करीब तीन दर्जन बच्चे इस बिमारी से लिप्त हैं।
उन्होने बताया कि इस बारे में गांव के प्रमुख लोगों ने कई बार डाक्टरों से इसकी शिकायत की केवल एक दिन डाक्टरों की टीम आई और बिना दवाई दिये वापिस चली गई।
उन्होंने कहा कि अगर प्रसाशन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया तो और बच्चों की मौत हो सकती है। उन्होने बताया कि आधा दर्जन से अधिक बच्चे अलवर सहित कई निजि हस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं।
उन्होने बताया कि करीब 10 साल से कम बच्चों को यह बिमारी होती है। इस बिमारी में पहले बच्चें का गला सूजता है और अंदर एक फोडा से गले में फूटता है जिससे उसकी मौत हो जाती है।
मेवात सिविल सर्जन डाक्टर बीके राजोरा ने बताया कि उन्होने गांव गांव अहमद बास में डाक्टरों की टीम भेजकर इसका जांच कराई हैं, ऐसी कोई बीमारी नहीं है जिसे तूल दिया जा रहा है। सीएमओं का कहना है कि जो दो बच्चों की मौत हुई हैं किसी दूसरी बिमारी से हुई है।