दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना समेत दो को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 25 किलो हेरोइन बरामद की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद हेरोइन की कीमत 125 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हेरोइन थाइलैंड व म्यांमार से पूर्वोत्तर राज्यों से होकर दिल्ली आती थी। यहां दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार में सप्लाई होती थी। आरोपी कार से हेरोइन की खेप दिल्ली लेकर आए थे।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, सेल की नार्दर्न रेंज को सूचना मिली थी कि मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाला गिरोह मणिपुर, यूपी, दिल्ली व बिहार में सक्रिय है।
गिरोह के सदस्य हेरोइन बनाने का कच्चा माल मणिपुर व म्यांमार में स्थित पहाड़ी इलाकों से एकत्रित करते हैं। पांच महीने की तफ्तीश के बाद गिरोह के सदस्यों की पहचान हुई। ये भी पता लगा कि हेरोइन ल्हासा, थाइलैंड व म्यांमार से पूर्वोत्तर राज्य होकर आ रही है।
एसीपी निशांत गुप्ता की टीम को 1 सितंबर को सूचना मिली थी कि गिरोह के तस्कर सफेद रंग की स्कोर्पियो गाड़ी में हेरोइन की खेप दिल्ली लेकर आएंगे। पुलिस टीम ने कराला-बवाना रोड पर घेराबंदी कर मणिपुर निवासी चामलिंग अमोल को पकड़ लिया। कार से 25 किलो हेरोइन बरामद की गई।
पुलिस टीम ने अमोल से पूछताछ के बाद मणिपुर निवासी गिरोह के सरगना माधव गौतम को गौतमबुद्ध रोड, चार बाग मेट्रो स्टेशन के पास, लखनऊ (यूपी) से दो सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से कुछ मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में अमोल ने बताया कि वह अंतरराष्ट्रीय गिरोह का तस्कर है। वह माधव गौतम के साथ लखनऊ निवासी हाजी मुजिम, हाजी अहमद, राजू और गुड्डू को हेरोइन की खेप देता था। दिल्ली में बवाना निवासी अनिल व संजय को देता था।