राजेंद्र ने मामले की रिपोर्ट 10 नवंबर को दर्ज कराई थी। साइबर सेल के पास जांच आने के बाद सर्विलांस टीम की मदद ली गई। आरोपियों के मोबाइल नंबर और बैंक खाते की पड़ताल की गई। छह माह की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने अनूप और समीर को गिरफ्तार किया है।
मास्टर माइंड पीए बनता, बीरू को बताता बालकृष्ण
बीए का छात्र अनूप गोरखधंधे का मास्टर माइंड है। समीर ने मार्च 2017 में फर्जी वेबसाइट बनाई थी। यह वेबसाइट समीर ने पत्नी पपिया शर्मा के नाम पर रजिस्टर्ड कराई थी। इसके लिए उसने अनूप से 38 हजार रुपये लिए थे।
इसके अलावा वेबसाइट मेंटेन करने के नाम अक्टूबर 2017 तक 25 हजार रुपये प्रतिमाह लिए थे। अनूप वितरक बनने के लिए कॉल करने वालों से बालकृष्ण का पीए बनकर बात करता था और बीरू खुद को आचार्य बालकृष्ण बताकर बात करता था।
रोशन व विकास ने फर्जी आईडी पर बैंक में खाते खुलवाये थे। सीओ निशांक शर्मा ने बताया कि अभी इस मामले में यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह गिरोह पतंजलि के फर्जी उत्पात भी तो तैयार नहीं करता। वहीं, पतंजलि से जुड़ी एक मीडिया टीम भी मामले की जानकारी हासिल करने पहुंची है।
केरल व तमिलनाडु के लोगों को बनाया शिकार
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2017 में केरल के एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था। उन्होंने उससे पतंजलि का वितरक बनाने के नाम 8 लाख रुपये, तमिलनाडु के एक व्यक्ति से मई में 12 लाख रुपये और अगस्त 2017 में चेन्नई के एक व्यक्ति से 14 लाख रुपये ठगे।
इसके अलावा अक्टूबर में नोएडा के एक व्यक्ति अनूप बंसल ने भी संपर्क किया था। हालांकि उसने अभी रुपये जमा नहीं कराए हैं। आरोपी रोशन व विकास तीस प्रतिशत कमीशन काटकर खाते से रुपया निकालकर अनूप को देते थे।
जमीन खरीदकर मकान बनवा रहा मास्टर माइंड
टीम ने यह भी जानकारी दी है कि मास्टर माइंड अनूप ने ठगी से कमाए गए धन से बिहार में भूमि खरीद ली थी और इस भूमि पर वह नया मकान बनवा रहा है। टीम आरोपी के बैंक खातों आदि की पड़ताल करने में जुट गई है। जिससे ठगी से कमाए गए धन को जब्त किया जा सके।