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10 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करने वाले जीजा-साले गिरफ्तार, लग्जरी कारें भी बरामद 

Mon, 03 Aug 2020 05:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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जीजा-साले गिरफ्तार... - फोटो : अमर उजाला
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नई दिल्ली जिले की कनॉट प्लेस थाना पुलिस ने डीएसआईआईडीसी के व्यवसायिक प्लॉट बेचने के नाम पर ठगने करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर जीजा-साले को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने डीएसआईआईडीसी के कर्मचारी व अधिकारी बनते थे और उससे मिलती-जुलती कंपनी खोली हुई थी। आरोपी कई पीड़ितों से दस करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड विक्रम सक्सेना देहरादून के पॉश इलाके में रहता है। विक्रम का जीजा मुदित कुमार पेशे से वकील है। इनके कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई दो लग्जरी कारें बरामद की हैं।

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नई दिल्ली जिला डीसीपी डा. ईश सिंघल के अनुसार आरोपियों ने पीड़ित की सूची डीएसआईआईडीसी की वेबसाइट से लोड कर ली थी। ये पीड़ित वो है जिन्होंने वर्ष 1996 में डीएसआईआईडीसी में व्यवसायिक प्लॉट के लिए आवेदन किया था। बाद में डीएसआईआईडीसी ने ये स्कीम रद्द कर दी थी। आरोपियों को पकडने के लिए कनॉट प्लेस थानाध्यक्ष आईके झा की देखरेख में एसआई अमित कुमार व नरेश कुमार की टीम ने जांच शुरू की। जांच में पता लगा कि ठगी के गिरोह का मास्टरमाइंड विक्रम सक्सेना है। 

एसआई अमित कुमार की टीम ने जांच के बाद प्रेसेफिक गोल्फ एस्टेट, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून उत्तराखंड से 20 जुलाई को विक्रम सक्सेना(34)गिरफ्तार कर लिया। ये देहरादून का पॉश इलाका है और आरोपी ऐशोआराम से रह रहा था। आरोपी खुद को एक प्राइवेट कंपनी का बिजनिस एंटरप्रेन्योर बताता था। इसके बाद इसके जीजा इंद्रप्रस्थ कालोनी, दिल्ली रोड सहारनपुर यूपी निवासी मुदित उर्फ मिथुर भटनागर(38) को 28 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया। 
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आरोपी पीड़ितों को खुद को डीएसआईआईडीसी का कर्मचारी, अफसर व कानूनी सलाहकार बताते थे। डीएसआईआईडीसी ने 1996 की इस स्कीम को रद्द कर दिया था। ये पीड़ित से उसके कार्यालय व घर पर मिलते थे। पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए कॉफी हाउस, कनॉट प्लेस आदि जगहों पर बैठकें करते थे। ये प्लॉट आबंटन के फर्जी कागजात दिखाकर उनसे कैश व डीडी ले लेते थे। ये डीडी विक्रम सक्सेना द्वारा खोली गई फर्जी कंपनी देव सेवा इनकम डवलपमेंट कंपनी(डीएसआईडीसी) के नाम से लेते थे। 

इन पीड़ितों के साथ इतने रुपये की ठगी कर चुके हैं- 
आरोपी शाहदरा निवासी मनोज गुप्ता से मार्च 2018 से मार्च, 2020 तक 17 लाख रुपये ठग चुके हैं। आनंद विहार निवासी राजकुमार मित्तल से 1.8 करोड़ रुपये जनवरी, 2020 से मार्च, 2020 तक ठग चुके है। रोहिणी निवासी मनोज कुमार अग्रवाल ने जनवरी, 2019 से मार्च, 2020 के बीच 1.24 करोड़ रुपये ठग चुके हैं। भजनपुर निवासी अशोक कुमार से फरवरी, 2018 से लेकर फरवरी, 2020 तक 27 लाख रुपये ठग चुके हैं। सभी की एफआईआर कनॉट प्लेस थाने में दर्ज है। आरोपियों ने डीएसआईडीसी की फर्जी पर्ची छपवा रखी थीं। ये पैसे लेने के बाद पीड़ित को पैसे लेने की पर्ची देते थे। 

विक्रम सक्सेना के खिलाफ पहले से मामला दर्ज ह
विक्रम सक्सेना के खिलाफ पहले से एक ठगी का मामला दर्ज है। मुदित विक्रम का जीजा है। उसने वर्ष 2011 में सहारनपुर से लॉ की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2012 में इसने इलाहाबाद बार काउंसिल में खुद का रजिस्ट्रेशन कराया। दो वर्ष पहले ये दिल्ली आ गया और पटियाला हाउस कोर्ट में प्रेक्टिस करने लगा। विक्रम के दो बैंक खाते सील किए गए हैं। इनमें 15 लाख रुपये है। इसके अलावा ठगी की रकम से खरीदा गया 1.5 करोड़ की कीमत के मकान का पता चला है। 

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