1200 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग्स बरामद
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नार्को-टेरर पर अब तक सबसे बड़ी चोट करते हुए दो अफगानी नागरिकों मुस्ताफा स्टानिकजई (23) और रहीमुल्लाह रहीमी (44) को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 312.5 किलो एमफैटामाइन और बढ़िया क्वालिटी की 10 किलो हेरोइन बरामद की गई है। ये ड्रग्स दिल्ली, लखनऊ व ग्रेटर नोएडा से बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद ड्रग्स की कीमत करीब 1200 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसे दिल्ली पुलिस के इतिहास में अब तक सबसे बड़ी बरामदगी बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने गृहमंत्रालय के आदेश के बाद आतंक विरोधी रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत ये बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर हाल ही में नारको टेरज्मि को लेकर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था।
स्पेशल सेल के विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने बताया कि जब्त ड्रग्स चेन्नई से लखनऊ होकर दिल्ली लाई गई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ड्रग्स को बेचने के बाद आने वाले पैसे का इस्तेमाल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा आतंकी वारदातों में इस्तेमाल किया जाना था। ये ड्रग्स दिल्ली से हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में सप्लाई की जानी थी। एसीपी ललित मोहन नेगी की टीम को पता लगा कि दो अफगानी नागरिक भारत में शारणार्थी के तौर पर रह रहे हैं और दो बार अपना वीजा बढ़वा चुके हैं।
डीसीपी प्रमोद कुशवाह की देखरेख में एसीपी ललिम मोहन नेगी, इंस्पेक्टर विनोद कुमार बड़ोला व अरविंद कुमार की टीम ने कार को इंटरसेप्ट कार दोनों को कालिंदी कुंज के पास से गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने रहीमुल्लाह के बेटे वहीदुल्ली को 20 करोड़ की हेरोइन के साथ दो दिन पहले गिरफ्तार किया था।
मुस्तफा जैतपुर, दिल्ली व रहीमुल्लाह रहीमी ग्रेटर नोएडा में रह रहा था। दिल्ली, ग्रेटर नोएडा व लखनऊ से ड्रग्स व रॉ मेटेरियल बरामद किया गया है। ड्रग्स अफगानिस्तान से ईरान होकर चेन्नई में बंदरगाह पर पहुंची थी और वहां से यूपी होते हुए दिल्ली आती थी। आरोपी दिल्ली में ड्रग्स की सप्लाई करने के लिए लग्जरी कारों को इस्तेमाल करते थे।