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Delhi: दंगा करने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने का मामला, आप के दो विधायकों को 'अदालत उठने तक' की सजा

Tue, 04 Jul 2023 02:56 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

'अदालत का उठना' मतलब दिन समाप्त होने तक अदालत छोड़ने की अनुमति नहीं है। राउज एवन्यू अदालत स्थित विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए ये निर्देश पारित किए, जिसने 7 सितंबर, 2022 को दोनों राजनेताओं को दोषी ठहराया था।
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कोर्ट का फैसला (सांकेतिक फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को आप के दो विधायकों अखिलेश पति त्रिपाठी और संजीव झा को 2015 में उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाली भीड़ का हिस्सा होने के मामले में 'अदालत उठने तक' की सजा सुनाई है।

 

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'अदालत का उठना' मतलब दिन समाप्त होने तक अदालत छोड़ने की अनुमति नहीं है। राउज एवन्यू अदालत स्थित विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए ये निर्देश पारित किए, जिसने 7 सितंबर, 2022 को दोनों राजनेताओं को दोषी ठहराया था।

 


हालांकि न्यायाधीश ने त्रिपाठी को दी गई छह महीने की जेल की सजा और झा को तीन महीने की जेल की सजा को संशोधित किया। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने 5 जनवरी 2023 को जेल की सजा सुनाई थी। जेल की अवधि को संशोधित करते हुए अदालत ने 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। मामले में प्रत्येक पर मामले के तथ्यों और परिस्थितियों और तथ्यों की समग्रता को ध्यान में रखते हुए यह उचित होगा कि अपीलकर्ताओं को धारा 332 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत अपराध के लिए अदालत उठने तक की सजा दी जाए।

 

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अखिलेश पति त्रिपाठी मॉडल टाउन से विधायक हैं, जबकि संजीव झा बुराड़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं। मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने एक पुलिस स्टेशन में दंगा करने और पुलिस कर्मियों को चोट पहुंचाने के मामले में 15 अन्य लोगों को भी दोषी ठहराया था। उन्हें धारा 147, 186, 332,और 149 के तहत अपराध का दोषी पाया गया था।

 

अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना 20 फरवरी, 2015 की रात को हुई थी, जब एक भीड़ ने बुराड़ी पुलिस स्टेशन में पुलिस कर्मियों पर हमला किया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। भीड़ दो लोगों की हिरासत की मांग कर रही थी, जिन्हें कथित तौर पर पीटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अभियोजक ने अदालत को बताया कि पुलिस ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की थी लेकिन विधायक भीड़ में शामिल हो गए और उन पर हमला कर दिया और पथराव किया।

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