एडिफिस के उत्कर्ष मेहता ने बताया कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान जोखिम की आशंका भी एक पहलु थी। विशेष रूप से सुपरटेक का एक टावर और एटीएस विलेज ट्विन टावर के काफी पास हैं। इस कारण टावर के आसपास की सोसाइटियों के फ्लैट का बीमा कराया गया था।
इसके लिए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी, न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी और टाटा इंश्योरेंस कंपनी से बात की गई थी। अंतिम करार टाटा इंश्योरेंस से हुआ था। आसपास के किसी भी फ्लैट में अगर कोई नुकसान हुआ है तो वह जानकारी दे सकता है। नुकसान अगर धमाके से हुआ होगा तो निश्चित ही इसके लिए बीमा कंपनी से क्लेम किया जाएगा।