नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हर प्रयास कर रहा है, लेकिन साइबर सिटी में प्रदूषण धीरे-धीरे घुल रहा है।
जिले के चारों से गुजरती एक्सप्रेस वे और हाईवे से सैंकड़ों ट्रक यहां भी प्रदूषण का आंकड़ा हर दिन बढ़ा रहा है। इसके अलावा ऑटो और बिजली की आंख मिचौली से जेनरेटर का इस्तेमाल और प्रदूषण बढ़ा रहा है।
गुड़गांव के चारों ओर मुख्य रूप से चार सड़कें है। गुड़गांव-जयपुर रोड और दिल्ली-गुड़गांव-अलवर और गुड़गांव-पटौदी-रेवाड़ी और दिल्ली-गुड़गांव-फरीदाबाद हाईवे शामिल है।
पहले तीन सड़कों पर भारी वाहन जयपुर और राजस्थान के दूसरे जिले से आते हैं। गुड़गांव होते हुए दिल्ली सीमा में प्रवेश करते हैं।
इसके अलावा फरीदाबाद हाईवे पर पत्थर के खनन और आवागमन के साथ यहां से ट्रक गुजरती है। इन सड़कों से सैंकड़ों ट्रक गुजरने से यहां रात में प्रदूषण का ग्राफ कम नहीं होता है।
पर्यावरण के मुद्दे पर लंबे समय तक काम करने वाले ज्यूलॉजिक सर्वे ऑफ इंडिया के पूर्व निदेशक एचएस सैनी बताते है अगर पुराने वाहनों को सड़कों से हटा दिया जाए, तो गुड़गांव के प्रदूषण में एक साल के अंदर एक तिहाई से अधिक कमी आ सकती है।