लोकसभा चुनावों की वजह से दूसरी बार देश के बाहर शुरू हुए आईपीएल के दिल्ली में खेले जाने वाले मैचों पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।
मालूम हो कि आईपीएल के पांच मैच दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में होने हैं। यहां पहला मैच तीन मई को और अंतिम मैच 19 मई को होना तय है।
अगर समय रहते इस मामले को नहीं सुलझाया गया तो ऐन वक्त पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
...तो कोटला में नहीं होंगे मैच
दरअसल, दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स की अदायगी, निर्माण संबंधी प्रमाण पत्र और लीज फीस मामले को लेकर फिरोजशाह कोटला मैदान में मैच कराने के लिए एनओसी देने से इनकार कर दिया है।
निगम अधिकारियों ने दो टूक कहा है कि जब तक दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करेगा उसे मैच कराने की एनओसी नहीं दी जाएगी।
मैचों के आयोजन के लिए डीडीसीए ने दक्षिण दिल्ली नगर निगम से एनओसी मांगी है लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने एनओसी देने के बजाए मामले को विधि विभाग के पास भेज दिया है। साथ ही विभाग को आदेश दिए हैं कि वह गत वर्ष हाईकोर्ट के दिए गए निर्देशों का अवलोकन करें। साथ ही यह बताए कि डीडीसीए ने हाईकोर्ट के किन-किन निर्देशों का पालन नहीं किया है।
दोनों के अपने-अपने दावे
सूत्रों के अनुसार डीडीसीए ने गत वर्ष आईपीएल के मैच होने के बाद हाईकोर्ट के आदेश को पूरा करने की कोई पहल नहीं की। डीडीसीए ने मैदान का निर्माण पूरा होने का प्रमाण पत्र (सीसी) नहीं लिया।
इसके अलावा उसने बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का भी भुगतान नहीं किया है। सूत्र बताते हैं कि डीडीसीए ने मैदान की लीज फीस भी नगर निगम को नहीं दी है। इसके चलते नगर निगम ने इस बार कड़ा रुख अपनाने का फैसला लिया है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि मैदान का निर्माण पूरा होने के बावजूद डीडीसीए, सीसी नहीं ले रहा है। वहीं डीडीसीए, प्रॉपर्टी टैक्स नहीं देने के पीछे तर्क दे रहा है कि जब उसने निर्माण पूरा नहीं होने के चलते मैदान पर कब्जा नहीं लिया है तो टैक्स कैसा।
बीजेपी के दिग्गज नेता हैं डीडीसीए के संरक्षक
इस मामले में अधिकारी सवाल उठा रहे हैं कि मैदान का निर्माण पूरा नहीं है तो वह आईपीएल और अन्य मैच क्यों करा रहे हैं। उधर अरुण जेटली के डीडीसीए का संरक्षण होने के चलते नगर निगम में सत्तारूढ़ भाजपा पार्षद अधिकारियों से जल्द से जल्द एनओसी देने का आग्रह कर रहे हैं।
खास बात यह है कि मैदान में मैच कराने को लेकर नगर निगम व डीडीसीए के बीच सात वर्षों से सीसी व प्रॉपर्टी टैक्स के मुद्दे पर विवाद चल रहा है। यह मामला कई बार कोर्ट भी जा चुका है।
दक्षिण दिल्ली नगर निगम की मेयर सरिता चौधरी ने बताया कि डीडीसीए को कोटला मैदान की एनओसी देने की प्रक्रिया चल रही है। विभिन्न मसलों को लेकर पहले भी एनओसी देने में देरी हुई है। मगर हर बार की तरह इस बार भी एनओसी दे दी जाएगी।