पुलिस सूत्रों का कहना है कि अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी काफी दिनों से घटना को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोरोना महामारी से पहले आरोपी एक कंपनी चला रहा था लेकिन कोरोना के दौरान उसके साथ काम करने वाले कंपनी छोड़कर चले गए, जिससे उसे काफी नुकसान हुआ। उसने कुछ लोगों को पैसे दिए थे, जिन्होंने वापस नहीं किए, जिससे वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। ऐसे में उसने अपने परिवार के सदस्यों की हत्या कर खुदकुशी करने की साजिश रची। इसके बाद तीन चाकू ऑनलाइन मंगवाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद पूरी साजिश से पर्दा उठ पाएगा। पुलिस उसके अलावा उन लोगों से भी पूछताछ करेगी, जो उसकी कंपनी में काम कर चुके हैं। आरोपी ने अपने सुसाइड नोट में कुछ लोगों पर उसे आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था, जिसमें से कुछ लोग उसकी कंपनी में काम करते थे। पुलिस आरोपी के दोस्त से भी पूछताछ करेगी, जिनके व्हाट्सएप ग्रुप पर आरोपी ने सुसाइड नोट भेजा था।
ससुराल वालों से पैसों की मांग करता था आरोपी
सुनीता के परिवार वालों ने आरोपी पर ससुराल वालों से पैसे मांगने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि आरोपी ने एक साल पहले अपने ससुर को प्रॉपर्टी पर लोन लेकर उसे पांच लाख देने को कहा था, लेकिन उसके ससुर ने ऐसा करने से मना कर दिया। बावजूद बीच में उसने ससुराल वालों से दो लाख रुपये ले लिए। जब ससुराल वाले उससे पैसे वापस करने के लिए कहते थे तो वह उनसे झगड़ा करता था।
सुनीता के भाई मनोज ने बताया कि आरोपी पैसे की मांग करने पर सुनीता के साथ झगड़ा करता था। सुनीता के परिवार वालों ने मामले की सही तरीके से जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपी और उसके परिवार वालों के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग होनी चाहिए। सुनीता के परिवार ने बताया कि सुनीता ने घटना से पहले फेसबुक पर अपने छोटे बेटे का फोटो अपलोड किया था, लेकिन घटना के बाद उसकी पोस्ट को डिलीट कर दिया गया है। उन लोगों ने आरोप लगाया कि ऐसा कौन कर रहा है ,इसका भी पुलिस को जांच करनी चाहिए।