फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नोटबंदी से ट्रांसपोर्टर ‘कोमा’ में, इतना भी नहीं कैश कि चला पाएं ट्रक

Mon, 05 Dec 2016 09:39 AM IST
सुशील पांडेय/अमर उजाला, नोएडा

सार

नकदी की कमी से एक-दो दिन में थम जाएंगे 9000 वाहनों के पहिये
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नोटबंदी के बाद गौतमबुद्धनगर के ट्रांसपोर्टर एक प्रकार से ‘कोमा’ में चले गए हैं। उनके पास इतना कैश नहीं है कि वह ट्रक चला पाएं। मालवाहक वाहन नहीं चलने से आम जनता को फल, सब्जी व दूध की रोजाना की जरूरत को पूरा करने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन


500 और 1000 रुपये की नोटबंदी के बाद व्यापारियों को नुकसान तो झेलना ही पड़ा। बाजार में नकदी की कमी से उनके माल की खरीद बिक्री पर भी असर पड़ा। ऐसे में उधार के बाजार से थोड़ा काम चल रहा था, लेकिन अब पेट्रोल पंपों पर 1000 के बाद 500 के नोट भी बंद होते ही ट्रांसपोर्टर भी इसके शिकार हो गए।

अब उन्हें ट्रक बाहर भेजने हैं तो या तो कैश देना होगा या डेबिट कार्ड। जबकि अधिकांश चालक-परिचालक प्लास्टिक मनी का उपयोग जानते ही नहीं हैं। ऐसे में अब वाहनों के पहिये थमने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
विज्ञापन


ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि टोल टैक्स के लिए किसी तरह से पैसे का जुगाड़ करके भेजा जा रहा था, लेकिन अब नकद की कमी से डीजल बिना तो गाड़ी चलेगी ही नहीं। एक दो दिन में इसका असर शहर में दिखना शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन

फैक्ट फाइल : गौतमबुद्ध नगर

transporters - फोटो : अमर उजाला
बाहर की गाड़ियां शहर में फल, दूध और सब्जी लेकर नहीं आ पाएंगी। फल जम्मू से आते है। वहीं, सब्जियां बुलंदशहर, मेरठ, पानीपत, पलवल आदि से मंगाई जाती हैं। दूध का कारोबार मेरठ, मुजफ्फरनगर, पानीपत, सोनीपत, पलवल आदि से होता है। 50 प्रतिशत ट्रक पहले ही खड़े हैं।

मालवाहक वाहन - 5000
बड़े ट्रक - 2000
छोटे ट्रक - 2000

यह उत्पाद होंगे प्रभावित
फल, सब्जी, दूध, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, उद्योगों के लिए जरूरी मशीनरी पार्ट्स।

500 के नोट बंद होने के बाद ट्रांसपोर्टर्स की हालत कोमा जैसी हो गई है। एक-दो दिन में 9000 वाहनों के पहिये थम जाएंगे।-चौधरी वेदपाल सिंह, अध्यक्ष, नोएडा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें