राजधानी दिल्ली में दोपहिया चलाने वाली या उस पर पीछे बैठने वाली महिलाओं को हेलमेट पहनना अनिवार्य करने से पहले परिवहन विभाग जनता की राय लेगा।
चुनाव आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद परिवहन विभाग जल्द ही सार्वजनिक सूचना जारी करके सुझाव मंगाएगा। जनता की राय के आधार पर 30 दिनों के भीतर ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही इस संबंध में लोगों से सुझाव मांगे जाएंगे। उन सुझावों को ध्यान में रखकर ही नोटिफिकेशन बनाकर जारी किया जाएगा। सुझाव देने के लिए लोगों के पास तीस दिन का समय होगा। विभाग का कहना है कि अनिवार्यता दोपहिया महिला चालक के अलावा पुरुष के साथ पीछे बैठने वाली महिलाओं पर भी लागू होगी।
दिल्ली में लंबे समय से महिलाओं को हेलमेट पहनने को अनिवार्य करने का कानून लंबित है। सरकारें इसे लागू करने से बचती रहीं। इस बार फिर विरोध को देखते हुए अधिकारी सभी पहलुओं पर ध्यान दे रहे हैं। अधिकारी इस बात पर गौर कर रहे हैं कि किन-किन बिंदुओं को लेकर विरोध है।
अकांक्षा नाम की छात्रा कहती है, मैं स्कूटी चलाती हूं तो हेलमेट पहनती हूं। यह अनिवार्य हो या नहीं, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मुझे पहनना ही है। परिवहन विभाग इसे अनिवार्य बनाता है तो मैं इसका समर्थन करूंगी। सुरक्षा बेहद जरूरी है।
वहीं टिम्सी का कहना है कि दिल्ली में दोपहिया चलाते समय हेलमेट जरूरी होना चाहिए। हां, अगर किसी की कोई मजबूरी है तो उसे छूट मिलनी चाहिए। हेलमेट पहनने का लाभ हमें ही मिलेगा। सभी को ध्यान में रखकर इसे लागू किया जाना चाहिए।
छात्रा रितिका ने कहा, दोपहिया चलाने वाली महिला को हेलमेट पहनना जरूरी हुआ तो मैं उसका सपोर्ट करूंगी, लेकिन पीछे बैठने वाली महिलाओं को छूट मिलनी चाहिए। कई बार हम लिफ्ट लेते हैं। तब तो हमें हेलमेट लेकर चलना पड़ेगा।