रेलवे इन दिनों ट्रेनों को रफ्तार देने में जुटा है। कोरोना काल में भी रेलवे का पूरा महकमा प्रोजेक्ट को पूरा कर रहा है। इस कड़ी में उत्तर रेलवे के अंबाला रेल मंडल में 62 किलोमीटर धुरी-जाखल और 68 किलोमीटर धुरी-लैहरा मुहब्बत रेल सेक्शनों पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाकर स्पीड ट्रायल किया। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने 130 किलोमीटर के नव-विद्युतीकृत रेल सेक्शन का निरीक्षण कर इस ट्रैक को ट्रेन चलाने के लिए खोल दिया गया।
संरक्षा आयुक्त ने मोटर ट्रॉली द्वारा धुरी-जाखल और धूरी-लैहरा मुहब्ब सेक्शनों का विस्तृत संरक्षा निरीक्षण किया। बाद में बिजली के इंजन द्वारा करंट कलैक्शन टेस्ट के साथ ही स्पीड ट्रायल भी किया। अब जाखल-धुरी और ीधुरी-लैहरा मुहब्बत-धुरी रेल सेक्शनों पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की गति ट्रेन चलेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार करंट कलेक्शन परीक्षण ऑलिवर-जी तकनीक से किए गए। ‘जी’ करंट कलेक्शन के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग और जीपीएस मार्किंग सिस्टम वाले ओवर-हेड लाइन का निरीक्षण किया जाता है। चिंगारी-रहित करंट कलेक्शन सुनिश्चित करने के लिए यह खास तकनीक है।
निरीक्षण के दौरान इन लाइनों पर पड़ने वाले रोड-ओवर-ब्रिजों/रोड-अंडर-ब्रिजों, रेल-फाटकों और फुटओवर-ब्रिजों जैसे निर्माण का भी निरीक्षण किया गया। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने इन सेक्शनों पर आने वाले रेलवे स्टेशनों व वहां उपलब्ध कराई गयी सुविधाओं का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने किए गए विद्युतीकृत कार्य पर संतोष प्रकट किया और इन सेक्शनों पर ट्रेन चलाने की मंजूरी दी गई। इन रेलवे लाइनों को रेल यातायात के लिए खोल दिया गया है।
ट्रेन यातायात खोलने के मौके पर उत्तर रेलवे के प्रमुख बिजली इंजीनियर निखिल पांडे, रेल विकास निगम लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक प्रदीप गौड़, अंबाला रेल मंडल प्रबंधक गुरिंदर मोहन सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।