उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड व कोहरे की वजह से रेल यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेन लगातार देरी से संचालित हो रही है। इस वजह से ट्रेन ही नहीं स्टेशनों के प्लेटफार्म पर भी यात्री अपनी-अपनी ट्रेन के आने की बांट जोहते जोहते थक जा रहे है। वहीं सुबह पहुंचने वाली ट्रेन शाम को पहुंचने की वजह से कामकाजी लोगों को एक दिन अधिक होटल में गुजारने की मजबूरी है।
देरी से चलने वाली ट्रेनों में मुख्य रूप से गोरखधाम एक्सप्रेस 10 घंटे, आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस छह घंटे की अधिक देरी से पहुंची। वहीं, मालदा टाऊन-दिल्ली एक्सप्रेस सात घंटे, कैफियत एक्सप्रेस छह घंटे, ब्रह्मपुत्र पांच घंटे, रीवा छह घंटे, पूर्वा चीन घंटे, प्रयागराज-नई दिल्ली दो घंटे, रक्सौल-आनंद विहार तीन घंटे, पदमावत दो घंटे, मालवा सुपरफास्ट 2:20 घंटे, प्रयागराज हमसफर तीन घंटे, दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन तीन घंटे, पुरुषोत्तम तीन घंटे की देरी से अपने गंतव्य स्टेशनों पर पहुंचीं।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने समीक्षा बैठक में कहा कि सर्दियों के दौरान घने कोहरे के कारण रेल परिचालन में चुनौतियां बढ़ जाती हैं। उन्होंने सभी मंडलों को सिग्नल प्रणाली के ठीक तरह से काम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।