दिल्ली के चिड़ियाघर में मंगलवार को हुई भयावह घटना इस तरह की पहली घटना नहीं है। पहले भी लोग तमाम कारणों से बाघों के बाड़े में गिरते रहे हैं। इनमें छह साल पहले की हुई घटना सबसे चर्चित है।
तब एक नशे में धुत शख्स शेरनी के बाड़े में गिर गया था। लेकिन तब किसी ने बाड़े में पत्थर नहीं फेका था और शेरनी ने शख्स को जिंदा छोड़ दिया था।
पढ़ें: कौन है चिड़ियाघर में मरने वाला 'मकसूद'
दरअसल, चिड़ियाघर में जान गंवाने वाले मकसूद की तरह ही छह साल पहले एक नशे में धुत युवक को करीब से देखने के चक्कर में उसके अहाते में जा गिरा। लेकिन शेरनी ने उसे कुछ नहीं किया और युवक बच गया।
एक बार इसी चिड़ियाघर में एक शेर अपने बाड़े से बाहर निकलकर सड़क पर आ गया था। लेकिन तब भी उस शेर ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था।
देखें: सामने आया चिड़ियाघर हादसे का सबसे साफ वीडियो
तब चिड़ियाघर प्रशासन उसे सड़क पर ही बेहोश कर दिया था। इसी तरह 1989 में एक बच्चे ने सफेद बाघ को छूने के चक्कर में अपना हाथ खो दिया था। बाघ ने उसके हाथ पर हमला करते हुए हाथ नोंच लिया था।