-पहली बार किसी तस्कर को भेजा गया चेन्नई, आरोपी के खिलाफ पिट एनडीपीएस एक्ट लगाया
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अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने कैलाश विहार, अमन विहार, दिल्ली निवासी रोशनलाल (44) नामक तस्कर को हिरासत में लिया है। उसे नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रंखला को तोड़ने के उद्देश्य से उसे चेन्नई की जेल में स्थानांतरित किया गया है। यह पहला मामला है जिसमें दिल्ली में हिरासत में लिए गए आरोपी को पुझेल स्थित चेन्नई केंद्रीय जेल में रखा गया है, ताकि वह स्थानीय नशीले पदार्थ नेटवर्क से उसके संबंधों को तोड़ा जा सके।
एएनटीएफ पुलिस उपायुक्त राहुल अलवाल ने बताया कि इंस्पेक्टर राकेश दुहन की टीम, एसआई कृष्णा व युजवेंद्र की टीम ने विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर रोशन लाल को 10 मार्च को उनके आवास से गिरफ्तार किया। हिरासत में लेने के बाद, कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें चेन्नई जेल में स्थानांतरित किया गया। रोशन लाल 2021 से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है और वर्तमान में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत तीन मामले और शराब, चोरी और भारतीय न्याय संहिता से संबंधित चार अन्य आपराधिक मामले चल रहे है। रोशन लाल की नशीली पदार्थों में संलिप्तता पहली बार फरवरी 2021 में सामने आई थी, जब उन्हें अमन विहार से 50 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया। जेल से रिहा होने के बाद अप्रैल 2022 में 1.4 किलो गांजा के साथ फिर से गिरफ्तार किया गया। इसके बावजूद वह अवैध गतिविधियों में लगा रहा। नवंबर 2024 में रोहिणी में स्कूटर पर नंबर प्लेट के बिना यात्रा करते हुए पुलिस ने उसे और उसके सहयोगी धर्मबीर उर्फ धरमू को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान स्कूटर के स्टोरेज कम्पार्टमेंट से 310 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि रोशन लाल 4 अगस्त 2025 से न्यायालय से जमानत पर था, लेकिन नशीली पदार्थों के अवैध व्यापार में सक्रिय रहा। रोशन लाल पंजाब में पैदा हुआ था और अनपढ़ है। उसके दो बेटे और दो बेटियां हैं। उसकी पत्नी भी एक एनडीपीएस एक्ट व तीन एक्साइज एक्ट समेत चार क्रिमिनल केस में शामिल है।
बिना मुकादमे के एक साल जेल में रखा जा सकता है
पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत संगठित नशीली पदार्थ तस्करी में शामिल व्यक्तियों को रोकने के लिए अग्रिम हिरासत लेने की अनुमति है, ताकि नशीले पदार्थों की समस्या को कम किया जा सके, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिरता और अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है।