ऐसा नहीं है कि सड़क हादसों की गंभीरता का पता लोगों को नहीं है। वे तब तक ट्रैफिक नियमों को लेकर गंभीर नहीं होते हैं, जब तक कोई अपना या खुद ऐसे सड़क हादसों के शिकार न हो जाएं।
तब सोचते हैं कि काश सतर्कता बरती होती। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी हो चुकी होती है। प्रस्तुत है अमर उजाला की पहली किस्त के रूप में मयंक तिवारी की रिपोर्ट।
साइबर सिटी में एक साल के भीतर 131 लोग बाइक से हुई दुर्घटना में अपनी जान गवां चुके है। जबकि 42 लोग घायल हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यातायात नियम का पालन होता, संभल कर चलते तो इनके परिजनों को ये दिन नहीं देखने पड़ते। वाहन को निर्धारित गति से तेज चलाना, बड़े वाहनों से आगे निकलने की होड़ और जल्दबाजी।
ये कुछ ऐसी वजह हैं जो दुर्घटना का कारण बन रही हैं। जीवन की सुरक्षा के लिए यातायात के नियम का पालन करना जरूरी है। आपकी जरा सी चूक से सांसों की डोर कभी भी टूट सकती है।
सड़क पर गुजरने वाले ट्रक पर लिखे स्लोगन दिल को छू जाते हैं। जिसमें लिखा होता है कि धीरे चलिए घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है।
एसीपी ट्रैफिक सुमेर सिंह कहते हैं कि वाहन दुर्घटना के पीछे यातायात के नियमों का उल्लंघन एक बड़ा कारण होता है। लोग ट्रैफिक नियम तोड़ना अपनी शान समझते हैं। जबकि यह उनकी सबसे बड़ी भूल होती है।
बिना हेलमेट के रोजाना 200 से अधिक कटते हैं चालान
साइबर सिटी में बिना हेलमेट चलने वालों की संख्या 200 से अधिक रहती है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से व बिना हेलमेट के बाइक चलाने वालों के लिए अभियान चला रखा है। इसमें युवा ज्यादा होते हैं।
जुल्फें नहीं सिर की सुरक्षा
फैशन के चक्कर में युवा अपनी जुल्फों से ज्यादा प्यार करते हैं। हेयर स्टाईल न बिगड़ जाए, इसलिए हेलमेट नहीं लगाते हैं। यह मानसिकता भी बदलनी होगी, क्योंकि आपका सिर जुल्फों से ज्यादा जरूरी है।
आईएसआई मार्क हेलमेट ही पहनें
हेलमेट बनाने वाली कंपनी के महाप्रबंधक रह चुके सीएल जैन कहते हैं कि हमेशा आईएसआई मार्का हेलमेट पहनना चाहिए। लोकल हेलमेट वाहन दुर्घटना के दौरान कई बार साथ नहीं देते हैं।
एसीपी ट्रैफिक सुमेर सिंह कहते हैं कि बाइक से होने वाली वाहन दुर्घटनाओं में जितने लोगों की मौत होती है, उसमें 20 प्रतिशत मौत का कारण हेलमेट न लगाना है।
इसे भी जानें...
: वर्ष 2015 में सालभर में 122 बाइक दुर्घटना हुई। जिसमें 131 की मौत हुई, 45 लोग घायल हुए।
: जनवरी माह में दो पहिया वाहन से 12 लोगों की मौत हुई। आठ लोग घायल हैं।
: सड़क पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
: सड़क पर लगे संकेतांकों के प्रति गंभीरता बरतें।
: यात्रा के दौरान बड़े वाहनों के साथ रेस न लगाएं।
: जल्दबाजी के चक्कर में सही साइड न भूलें।