फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले ही दिन ट्रैफिक प्लान ध्वस्त , शहर जाम

Tue, 02 Jun 2015 01:53 AM IST
अमर उजाला, साहिबाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहननगर चौराहा सिग्नल फ्री करने के साथ ही सिर मुड़ाते ही ओले पड़ गए। नया सिग्नल फ्री ट्रैफिक प्लान सोमवार को यात्रियों के लिए नासूर बन गया। पूरा शहर जाम से जूझा।
विज्ञापन


सुबह से रात तक वाहनचालक चौराहे पर जाम से जूझते रहे। मोहननगर को जाम से बनाने के लिए बने प्लान ने टीएचए के अन्य सभी चौराहों पर जाम लगवा दिया।

जीटी रोड और लिंक रोड पर एक किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया। जाम में फंसे लोगों ने जीडीए की प्लानिंग को घटिया बताते हुए जमकर कोसा। हालांकि जीडीए अधिकारी प्लान की तरफदारी करते हुए जल्द ही इसकी सफलता का दावा करते रहे।

मोहननगर को सिग्नल फ्री करने के लिए तीन सड़कों को वन-वे किया गया था। इसमें मोहननगर से हिंडन एयरफोर्स, हिंडन एयरफोर्स से करहेड़ा और करहेड़ा से मोहननगर तक वन-वे ट्रैफिक चलाया गया।
विज्ञापन


करहेड़ा से भोपुरा की ओर से जाने वाला ट्रैफिक आईटीएस होकर जाने के बजाए पूर्व की तरह ही संचालित हुआ। नए ट्रैफिक सिस्टम में कई वाहन रांग साइड चलने लगे। जिसके चलते जाम लगना शुरू हो गया।

सुबह करीब आठ बजे वाहनों का दबाव बढ़ते ही हिंडन एयरफोर्स रोड, मोहननगर, वसुंधरा रेड लाइट और करहेड़ा कट पर वाहनाें की लंबी कतारें लग गई।

भीषण जाम की सूचना पर सुबह करीब 11 बजे चीफ इंजीनियर वीके गोयल, अधिशासी अभियंता चक्रेश जैन और आरके जायसवाल समेत जीडीए अधिकारी मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने की कोशिश में लगे रहे। वाहनों का दबाव इतना ज्यादा था कि जाम से निजात नहीं मिली।

आधी रात फिर से पुरानी व्यवस्था की बात
सोमवार को जाम की हालात देखकर चौराहे को सिग्नल फ्री करने की प्लानिंग बनाने वाले जीडीए अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। देर रात 12 बजे मौके पर पहुंचे अधिकारी 18 घंटे बाद ही पुरानी ट्रैफिक व्यवस्था की दुहाई देने लगे।

अधिकारियों ने बिना झिझक स्वीकार किया कि चौराहे के आसपास की सड़कों को चौड़ा किए बिना बात बनने वाली नहीं है। सोमवार देर रात अधिकारियों ने पुरानी व्यवस्था बहाल करने की तैयारी शुरू कर दी थी।

बड़ी संभावना है कि मंगलवार को पुरानी व्यवस्था से वाहन दौड़ें। दरअसल, नई व्यवस्था में आईटीएस, जीटी रोड और करहेड़ा रोड पर सड़कों को छह से आठ लेन तक चौड़ा करने की जरूरत है।

आठ लेन की चौड़ी सड़क कहीं-कहीं पर चार लेन की है, जिससे बॉटलनेक बनता है। हालांकि शुक्र इस बात का रहा कि अधिकारियों ने सिग्नल फ्री करने के लिए हटाए जा सकने वाले जर्सी बैरियर से बैरीकेडिंग कराई।

टीआई अनिल कुमार ने भी माना कि पुरानी व्यवस्था से ही राहत मिलेगी। इसके लिए चौराहे पर रखवाए गए जर्सी बैरियर हटाए जाएंगे।

नए ट्रैफिक प्लान की जानकारी न होने से बढ़ गई समस्या
सुबह सड़कों पर निकले ज्यादातर लोगों को नए प्लान की जानकारी ही नहीं थी। इससे भी समस्या बढ़ी। करहेड़ा पुल पर गाजियाबाद की ओर से आ रहे वाहन करहेड़ा कट की ओर जाने की बजाए हिंडन एयरफोर्स की ओर रांग साइड आ गए।

जिन स्थानों पर ट्रैफिक मर्ज करने के लिए कट छोड़े गए थे लोग वहां से यू टर्न लेने लगे। हिंडन एयरफोर्स रोड पर डिवाइडर ही गलत तरीके से लगा दिए गए।

मंत्री जी को जाम से निकालने में जुटा रहा तमाम अमला
लोग भले ही जाम से जूझते रहे हों मगर प्रदेश में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री राकेश यादव को जाम से बचाने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला जुट गया।

मोहननगर पर जाम से बचाने के लिए टीआई और तमाम ट्रैफिक पुलिसकर्मी जुटे रहे। राकेश यादव कौशांबी से गाजियाबाद जा रहे थे।

जीडीए वीसी समेत कई अधिकारी भी फंसेः दिल्ली, इंदिरापुरम, वैशाली, साहिबाबाद आदि क्षेत्रों में रहने वाले जीडीए अधिकारी और कर्मचारी भी सोमवार को घंटों जाम में फंसकर देरी से जीडीए पहुंचे।

एयरफोर्स चौराहा नहीं झेल सका वाहनों का दबाव
वैशाली से भोपुरा, गाजियाबाद से भोपुरा और गाजियाबाद से ज्ञानी बॉर्डर जाने वाले वाहनों को हिंडन एयरफोर्स का रूट लेना था। तीनों ओर के वाहनों का दबाव जैसे ही हिंडन एयरफोर्स चौराहे पर पड़ा, जाम लग गया।

जाम लगते ही तीन ओर का ट्रैफिक मोहननगर पर फंस गया। करहेड़ा कट पर भी गाजियाबाद से आने वाले वाहनों के अलावा, करहेड़ा पुल से आने वाले वाहन और जीटी रोड और भोपुरा रोड से आने वाले वाहनों का दबाव पड़ा। जिससे यह कट भी जाम हो गया।
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें