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नए साल में भी जहरीली फिजा : कोहरा-कड़ाके की ठंड से राहत नहीं; दो और तीन जनवरी के लिए कोहरे का एलो अलर्ट

Thu, 01 Jan 2026 05:51 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

नए साल का स्वागत हल्की बूंदाबांदी के साथ हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार नए साल से अगले पांच दिनों तक सुबह के समय कोहरे का असर देखने को मिलेगा। 2 जनवरी को आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। 
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दिल्ली एनसीआर में ठंड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नए साल का स्वागत हल्की बूंदाबांदी के साथ हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार नए साल से अगले पांच दिनों तक सुबह के समय कोहरे का असर देखने को मिलेगा। 2 जनवरी को आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। ठंडी हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से चलेंगी, जिससे ठंड का अहसास बना रहेगा।  मौसम विभाग ने 2 और 3 जनवरी को कोहरे का यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से वाहन सावधानी से चलाने की अपील की है।

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तीन और चार जनवरी को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली समेत आसपास के इलाके में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इसके चलते अधिकतम तापमान में दो डिग्री तक की गिरावट आएगी। बुधवार सुबह से कई इलाकों में कोहरे की चादर छाई रही। दृश्यता कम होने से सड़क पर वाहन रेंगकर चल रहे हैं। दोपहर में भी सूर्यदेव ने दर्शन नहीं दिए। दिन के समय भी पहाड़ों से आई बर्फीली हवाओं ने खासा परेशान किया। कई इलाकों में शीतलहर की स्थिति बनी रही। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 6.2 डिग्री कम के साथ 14.2 रहा। न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री दर्ज हुआ। यह सामान्य से 0.4 डिग्री कम रहा। 

बीते चार साल में दिसंबर में एक भी दिन नहीं रही शीतलहर की स्थिति : 
राजधानी में साल 2022 से 2025 तक दिसंबर माह में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब शीतलहर की स्थिति बनी रही हो। आलम यह रहा है कि दिसंबर 2025 में कड़ाके की ठंड से लोगों का सामना नहीं हुआ। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2011 में चार, 2013 में 2, 2014 में 1, 2018 में 8, 2019 में 3, 2020 में 6, 2021 में 4 दिन ऐसे रहे, जब शीतलहर ने लोगों को परेशान किया।
 

दिसंबर 2025 के पूरे माह का औसत अधिकतम तापमान 23.3 और न्यूनतम 8.2 डिग्री रहा, जबकि साल 2024 में अधिकतम 22.6 और न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस रहा। यह दर्शाता है कि इस बार का दिसंबर थोड़ा गर्म रहा।

पिछले साल 79 दिन एक्यूआई 100 के नीचे रहा
 दिल्ली की हवा में साल 2025 में काफी सुधार देखा गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस साल दिल्ली में 79 दिन ऐसे रहे जब हवा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 100 या उससे कम था। यानी हवा ‘’अच्छी’’ या ‘’संतोषजनक’’ रही। यह संख्या 2020 के कोविड साल के बाद सबसे ज्यादा है, जब लॉकडाउन की वजह से हवा बहुत साफ थी।  रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में फरवरी और जुलाई महीनों में औसत एक्यूआई सबसे कम रहा, जो 2018 से अब तक का रिकॉर्ड है। 2020 को छोड़कर जनवरी, मई और जून में भी औसत एक्यूआई पिछले 7 साल में दूसरा सबसे कम रहा। सीएक्यूएम के अनुसार, साल भर का औसत एक्यूआई 201 रहा, जो 2020 को छोड़कर 2018 से अब तक का सबसे कम है। दिसंबर में हवा बहुत खराब रही क्योंकि हवा की गति कम थी और मौसम ने साथ नहीं दिया, लेकिन पूरे साल के प्रयासों से कुल मिलाकर सुधार हुआ। आयोग का कहना है कि आगे भी ऐसे कदम जारी रहेंगे, ताकि हर साल हवा और बेहतर हो। सीएक्यूएम की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में ‘’गंभीर’’ और ‘’बहुत गंभीर’’ एक्यूआई वाले दिन सिर्फ 8 रहे, जो 2018 से अब तक का दूसरा सबसे कम आंकड़ा है। केवल 2022 में इससे कम 6 दिन थे। 

नए साल पर भी जहरीली फिजा के हैं आसार
राजधानी में नए साल पर भी जहरीली फिजा का प्रकोप जारी रहेगा। 1 जनवरी को भी लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि 2 जनवरी तक हवा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी, और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर, हवा की दिशा बदलने से बुधवार को फिजा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार रही। सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे की मोटी परत से हुई। वहीं, पूरे दिन आसमान में स्मॉग की मोटी चादर भी दिखाई दी। इसके चलते कई इलाकों में दृश्यता भी बेहद कम रही। साथ ही, लोगों को आंख में जलन व सांस के मरीजों को परेशानी महसूस हुई। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 373 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें मंगलवार की तुलना में 15 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 382 दर्ज किया गया, यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में 312, गुरुग्राम में 328 और ग्रेटर नोएडा में 366 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 221 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। 
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दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 15.12 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 7.63, आवासीय इलाकों से 3.68, निर्माण गतिविधियों से 2.64 और सड़क से उड़ने वाली धूल की 1.08 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार को हवा दक्षिण-पूर्व दिशा से 10 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 900 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 2500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 294.7 और पीएम2.5 की मात्रा 191 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। इसके अलावा, बुधवार को कई इलाकों में गंभीर और बेहद खराब श्रेणी में हवा दर्ज की गई।

 
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