तहसील खंड के रूम नंबर-10 में बने रजिस्ट्री कार्यालय में एक टच स्क्रीन लगाया गया है। कोई भी क्रेता-विक्रेता टच स्क्रीन के माध्यम से संबंधित क्षेत्र की जमीन का कलेक्टर रेट देखकर स्टांप शुल्क जमाकर ऑनलाइन रजिस्ट्री करा सकेगा। यह जानकारी जिला उपायुक्त डॉ. अमित अग्रवाल ने दी।
उन्होंने बताया कि टच स्क्रीन पर कोई भी व्यक्ति जमीन का ब्योरा, मालिकों के हिस्से कनाल व मरले की जमीन, डीड नकल, मालिकों के अनुसार डीड मालूम करना, डीड का ब्योरा, इंतकाल नकल, लैंड रिकार्ड, काश्तकार के खतौनी आदि की जानकारी ली जा सकती है।
उन्होंने बताया कि जितनी भी वैध कॉलोनियां जिले में हैं, उन सबका का डेटा टच स्क्रीन में फीड किया गया है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्री के दौरान काउंटर संख्या एक व दो पर हेल्प डेस्क बनाई गई है।
क्रेता वहां पहुंचकर अपनी फाइल को दिखाकर कमियां दूर कर सकते हैं। काउंटर नंबर-3 पर रजिस्ट्रेशन लिपिक होगा, काउंटर नंबर-4 पर सब रजिस्ट्रार और काउंटर संख्या पांच, छह व सात पर कंप्यूटर ऑपरेटर होंगे, जो रजिस्ट्री को स्कैनकर ऑनलाइन करेंगे।
तहसीलदार राजेंद्र गर्ग ने बताया कि कलेक्टर रेट का स्टांप शुल्क शहर व ग्रामीण क्षेत्र का अलग-अलग है। शहरी क्षेत्र में सात प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में पांच प्रतिशत तक है। महिला के नाम से रजिस्ट्री होने पर दो प्रतिशत की छूट दी जाती है।