आज अधिकांश कंपनियां कर्मचारियों को वेतन देंगी। नोटबंदी के बाद से पीएफ विभाग ने उद्यमियों को खाते में वेतन देने को कहा है। शहर की कंपनियों में करीब 4 लाख कर्मचारी काम करते हैं। इनको 400 करोड़ से ज्यादा सैलरी दी जाती है, लेकिन अभी तक सिर्फ 25 प्रतिशत कर्मियों के ही खाते खुल पाए हैं।
उद्यमियों का कहना है कि अगर खाते में सैलरी दे भी दें तो कर्मचारी निकालेगा कैसे। हालांकि उद्यमी कूपन, राशन और डेबिट कार्ड से सामान दिलाने पर जोर दे रहे हैं। घर का खर्च चलाने के लिए कर्मचारियों को कैश भी देंगे। इसके साथ ही इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन से जुड़े उद्यमी कूपन और राशन देंगे। अप्रेरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की तरफ से कर्मचारियों को डेबिट कार्ड के जरिए राशन दिलाया जा रहा है।
500 और 1,000 के बांटे कूपन
एनईए के प्रवक्ता उद्यमी सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों को उनकी जरूरत के मुताबिक कूपन दिए गए हैं। किसी को 500 तो किसी को 1,000 रुपये के कूपन दिए गए हैं। इसे दिखाकर कर्मचारी सेक्टर-55 स्थित एक स्टोर से राशन खरीद सकेंगे। कई कंपनियों में आज भी कूपन बांटे जाएंगे।
रविवार को छोड़ अन्य दिन मिले साप्ताहिक बंदी
नोएडा एंट्रेप्रिनियोर्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर रविवार को छोड़कर किसी अन्य दिन साप्ताहिक बंदी की मांग की है। एनईए के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि कर्मचारियों के खाते में वेतन दिया जा रहा है। जिसे बैंक से निकालने में उनका पूरा दिन लग रहा है। अन्य दिन साप्ताहिक बंदी मिलने से कर्मचारी आसानी से बैंक से पैसा निकाल पाएंगे।
2 लाख निकालने की मिले अनुमति
एनईए ने शासन को पत्र लिखकर हफ्ते में 2 लाख रुपये निकालने की अनुमति मांगी है। उद्यमियों ने बताया कि एक हफ्ते में सिर्फ 50,000 रुपये ही निकाल सकते हैं। वो भी नकद की कमी से नहीं निकल पा रहे हैं। इससे कंपनी के काम अटक गए हैं।