उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक फाइल नोटिंग का हवाला देकर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिसोदिया ने बताया कि सीबीआई जब सीएम ऑफिस में छापा मारने आई, तब दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) की जो फाइल वहां थी, उसमें एक नोट लगाया था।
इसमें लिखा है कि अरुण जेटली ने एक बार डीडीसीए के अधिकारियों को किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं होने देने का आश्वासन दिया था। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि फाइल नोट में जिक्र है कि अरुण जेटली ने डीडीसीए के ऑफिसर को बुलाकर आश्वस्त किया था कि एसएफआईओ के सारे जुर्म कम्पाउंड करा लेंगे।
पुलिस में जो मामले हैं, उसे मैनेज कर लेंगे, क्योंकि पुलिस केंद्र के नियंत्रण में है। उसी मीटिंग में डीडीसीए के ऑफिसर को यह भी कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार की तरफ से कोई जांच आयोग गठित किया जाता है तो उसे उपराज्यपाल से नल एंड वाइड (अमान्य) करा लेंगे। ये नोट उस फाइल में हैं, जो डीडीसीए के एक ऑफिसर ने दिया है।
छह दिन में साबित हो रहा है कि असली निशाना केजरीवाल थे
सिसोदिया ने कहा है कि हम बार-बार कह रहे थे कि रेड मुख्यमंत्री कार्यालय में की गई, लेकिन वो बार-बार कहते रहे कि यह प्रधान सचिव के दफ्तर पर रेड है। छह दिन में साबित हो रहा है कि राजेंद्र कुमार तो बहाना थे, असली निशाना तो केजरीवाल थे।
उनके सैलरी अकाउंट में 27 लाख रुपये का पता चला, कोई बेनामी संपत्ति नहीं मिली। 2.40 लाख रुपये कैश मिला। कुछ ऐसा-वैसा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जितनी भी पूछताछ करो, हमें आपत्ति नहीं। अगर गलत पाया जाता है तो दिल्ली सरकार भी कार्रवाई करेगी।
सिसोदिया ने कहा, ‘अगर आप डीडीसीए की जांच दबाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को करियर और जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दोगे तो इसे दिल्ली सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।’ केंद्र सरकार ने चिट्ठी लिखकर दिल्ली सरकार से जांच करने केलिए कहा था।
उनके हिसाब से शीला दीक्षित की सरकार बढ़िया थी
खेल दिल्ली सरकार का विषय है। उपमुख्यमंत्री ने एक बयान का हवाला देकर कहा कि वह अरुण जेटली का बयान देख रहे थे तो उनके हिसाब से शीला दीक्षित की सरकार सबसे बढ़िया सरकार थी।
निश्चित रूप से बढ़िया सरकार होगी, क्योंकि डीडीसीए का सारा घोटाला जिस सीएम के समय हो गया, वो मुख्यमंत्री तो अच्छा लगेगा ही। और जिस मुख्यमंत्री के होते हुए डीडीसीए का सारा घोटाला जनता के बीच पहुंच गया। जांच हो रही है तो वह मुख्यमंत्री भला जेटली को क्यों अच्छा लगेगा।
सिसोदिया के मुताबिक सीबीआई मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार से बार-बार पूछ रही है कि ये नोट किसने दिया। सीबीआई उन पर दबाव बना रही है। उनसे कहा जा रहा है कि डीडीसीए के कौन-कौन से ऑफिसर सीएम से मिलते थे।
कौन-कौन से पेपर दिए। अगर ये सब नहीं बताओगे तो करियर बर्बाद कर देंगे। आपको गिरफ्तार कर लेंगे। जिंदगी खराब करने की धमकी देकर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। हमें इस पर आपत्ति है। पूछताछ पर नहीं।