फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: थप्पड़ का बदला लेने के लिए कर दिया नाबालिग का कत्ल, चाकू से किए ताबड़तोड़ वार

Fri, 01 Dec 2023 12:57 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दक्षिण दिल्ली के अंबेडकर नगर इलाके में दीपावली वाले दिन मारे गए थप्पड़ का बदला लेने के लिए दो युवकों ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर नाबालिग की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक की शिनाख्त पीयूष (17) के रूप में हुई है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दक्षिण दिल्ली के अंबेडकर नगर इलाके में दीपावली वाले दिन मारे गए थप्पड़ का बदला लेने के लिए दो युवकों ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर नाबालिग की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक की शिनाख्त पीयूष (17) के रूप में हुई है। दरअसल पीयूष ने दीपावली वाले दिन भूपेंद्र उर्फ बुची व वरुण नामक युवक को थप्पड़ माकर दिया था। उसका बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी भूपेंद्र उर्फ बुची, वरुण, तुषार और विनय के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल दो चाकू व अन्य सामान बरामद किया है।

विज्ञापन


पीयूष अपनी मां व बहनों के साथ देवली इलाके में रहता था। इसकी मां छोटा-मोटा काम कर परिवार का गुजारा कर रही है। पीयूष ने 11वीं कक्षा पास करने के बाद दो साल पहले पढ़ाई छोड़ दी थी। पहले उसका परिवार मदनगीर इलाके में ही रहता था। उसके सारे दोस्त यही पर हैं। वह अक्सर दोस्तों से मिलने आता रहता था। बुधवार को भी वह एरिया में आया हुआ था। इस बीच रात करीब पौने आठ बजे आरोपियों ने लाल बिल्डिंग स्कूल दक्षिणपुरी के पास उसे घेर लिया और मारपीट कर चाकू से ताबड़तोड़ हमले किए। जान बचाने के लिए पीड़ित एक चिकन के ढाबे में घुस गया। आरोपियों ने अंदर घुसकर हमले करना जारी रखा। इसके बाद फरार हो गए।

8.00 बजे मामले की सूचना पुलिस को दी गई। इससे पूर्व ही पीसीआर ने घायल को एम्स ट्रामा सेंटर पहुंचाया। बुरी तरह पिटाई करने के अलावा पीयूष के शरीर पर चाकू के छह घाव थे। इलाज के दौरान पीयूष ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर चारों आरोपियों को दबोच लिया। इनसे पूछताछ की जा रही है। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। घटना के बाद से पीयूष के परिजनों का रो-रोकर बुरा है। वह अपने परिवार में इकलौता बेटा था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें