तीस हजारी कोर्ट के लॉकअप के सामने उत्तरी जिले के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेंद्र कुमार के ऑपरेटर सिपाही अमित की सर्विस रिवाल्वर (ग्लॉक पिस्टल) भी छीन ली गई थी। सीसीटीवी फुटेज में रिवाल्वर छीनते हुए एक वकील दिखाई दे रहा है। हालांकि उस समय दर्जनों वकील सिपाही को घेरे हुए थे। हालांकि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एसआईटी अभी तक सर्विस रिवाल्वर को बरामद नहीं कर पाई है।
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार सिपाही अमित ने जब अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त को बचाने की कोशिश की तो लॉकअप के सामने वकीलों ने उसे घेर लिया। करीब 50 से ज्यादा वकील उसे घेरे हुए थे। भीड़ में मौजूद एक वकील ने सिपाही की रिवाल्वर छीन ली। उसके साथ मारपीट भी की गई।
पुलिस रिवाल्वर छीनने वाले वकील की पूरी तरह पहचान करने में लगी है। सिपाही ने रिवाल्वर छीनने की एफआईआर भी दर्ज नहीं कराई है, इस बात पर एसआईटी के सदस्य भी परेशान हैं। एसआईटी ने सिपाही अमित के बयान दर्ज किए हैं।
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार रिवाल्वर की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। रिवाल्वर में कारतूस भी थे। एसआईटी को मौके से करीब 41 सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। सोमवार को इन सभी फुटेज को फोरेंसिक जांच के लिए एफएसएल भेजा जाएगा। दूसरी तरफ इस विवाद की हाईकोर्ट के आदेश पर न्यायिक जांच भी हो रही है।
रिटायर जज की देखरेख में बनी कमेटी ने रविवार को सीबीआई की सीएफएसएल को मौके पर बुलाया था। सीएफएसएल की टीम ने तीस हजारी कोर्ट पहुंचकर कई घंटे मौका मुआयना किया। सीएफएसएल की टीम ने मौके से कुछ नमूने भी लिए हैं।