फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीस हजारी बवाल: सोशल मीडिया से खड़ा हुआ पुलिसकर्मियों का आंदोलन 

Wed, 06 Nov 2019 04:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
social media
विज्ञापन

तीस हजारी कोर्ट में पुलिसकर्मियों व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की पिटाई, साकेत कोर्ट में एक पुलिसकर्मी की पिटाई और हाईकोर्ट के कथित एक तरफा फैसले ने दिल्ली पुलिस कर्मियों में गुस्से को जन्म दिया है। 

विज्ञापन


पुलिसकर्मियों में यह गुस्सा धीरे बढ़ता चला गया। पुलिसकर्मियों का न तो कोई नेता है और न ही संगठन है। इसके बावजूद पुलिसकर्मी हजारों की संख्या में पुलिस मुख्यालय पर प्रदर्शन करने पहुंच गए। इस आंदोलन को खड़ा करने में सोशल मीडिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

तीस हजारी अदालत में शनिवार को वकीलों के हाथों पिटाई व बदसलूकी के कारण पुलिसकर्मियों में गुस्सा था। साकेत कोर्ट के बाहर सोमवार को पुलिसकर्मी की पिटाई के वीडियो ने इस गुस्से को चिन्गारी दे दी। 
विज्ञापन


इसके बाद पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर बात करने लगे। व्हाटसऐप पर मैसेज चलने लग गए थे। सबसे पहले मैसेज चला था कि दिल्ली की जनता से निवेदन है कि दिनांक पांच और छह नवंबर को दिल्ली पुलिस आपकी सेवा नहीं कर पाएगी.... क्योंकि अपने अस्तित्व को बचाने के लिए दिल्ली पुलिस काम पर नहीं आएगी और में उसका हिस्सा हूं। 

सभी पुलिस जवान मंगलवार सुबह नौ बजे पुलिस मुख्यालय पर एकतित्र होंगे और पुलिस आयुक्त पुलिस से मिलेंगे। इसके बाद पुलिस जवानों के समर्थन में एक मैसेज चला जिसमें एक बच्चा एक पंफ लेट को दिखा रहा है। इस पंफलेट में लिखा हुआ था कि वकील अंकल मेरे पापा तो पुलिस वाले हैं। सब कहते हैं कि वह कम पढ़े लिखे हैं। अक्खड़ व गंवार टाइप हैं। कानून की जानकारी में फिसड्डी है..लेकिन आप तो पढ़े-लिखें, सम्य व कानून के जानकार हो। 

इसके बाद यह मैसेज पुलिसकर्मियों के व्हाट्सऐप पर चले। इन मैसेज के बाद पुलिस मुख्यालय पर मंगलवार सुबह प्रदर्शन का आह्वान किया गया। पुलिस मुख्यालय पर मंगलवार सुबह 15 से 20 लोग पहुंचे थे। इनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ती चली गई। जब पुलिसकर्मी भारी संख्या में पुलिस मुख्यालय पर पहुंच गए तो पुलिसकर्मियों का डर खत्म हो गया और फिर भी पुलिस मुख्यालय पर लोगों की भीड़ भी बढ़ती चली गई। 

सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग
सोशल मीडिया पर पुलिस व वकीलों की लड़ाई छिड़ गई है। एक पक्ष द्वारा जहां पुलिसकर्मियों के समर्थन में सोशल मीडिया पर मैसेज चलाए जा रहे हैं तो वहीं दूसरे पक्ष द्वारा वकीलों द्वारा मैसज चलाये जा रहे हैं। यह मैसेज में एक दूसरे को कोसते हुए दिखाई दे रहे थे। पुलिस वाले मैसेज में वकीलों की गुंडागर्दी दिखाई जा रही है तो वहीं वकीलों के मैसेज में पुलिस की दादागिरी को दिखाया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें