जेल सूत्रों का कहना है कि अक्सर जेल में कार्यरत कर्मी अपने पदनाम का सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। पहले से तैनात कर्मी जेल में आने वाले नए कर्मचारियों को अपना पदनाम नहीं बताते हैं। वह उन्हें खुद को जेल का अतिरिक्त अधीक्षक या फिर हेड वार्डर बताते हैं।
तिहाड़ जेल के कर्मी अपना ही पदनाम नहीं बता पा रहे हैं। कर्मी अपने पदनाम के बजाय खुद को जेल के अतिरिक्त अधीक्षक और मुख्य हेड वार्डर बताते हैं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जेल प्रशासन ने एक आदेश जारी कर कर्मियों को अपनी हरकतों से बाज आने की चेतावनी दी है। स्पष्ट कहा है कि अपने पदनाम के अलावा जेल कर्मी अगर दूसरे पदनाम का इस्तेमाल करते हुए पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जेल सूत्रों का कहना है कि अक्सर जेल में कार्यरत कर्मी अपने पदनाम का सही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। पहले से तैनात कर्मी जेल में आने वाले नए कर्मचारियों को अपना पदनाम नहीं बताते हैं। वह उन्हें खुद को जेल का अतिरिक्त अधीक्षक या फिर हेड वार्डर बताते हैं। इससे काम करने के दौरान बहुत सी गलत फहमियां पैदा होती हैं। इसके अलावा देखा गया है कि बड़ा पदनाम बताने पर तिहाड़ कर्मियों को जेल से बाहर भी कई कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाता है। ऐसे कार्यक्रम में जेल कर्मी अपने पदनाम के बदले खुद को जेल का अतिरिक्त अधीक्षक और हेड वार्डर बताते हैं।
जेल सूत्रों का कहना है कि तिहाड़ मुख्यालय में इस तरह की कई शिकायतें आ चुकी हैं। इन शिकायतों को जेल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जेल प्रशासन ने इसको लेकर एक आदेश जारी कर जेल कर्मियों को सख्त चेतावनी दी है। आदेश में कहा गया है कि जेल के अधिकारी और कर्मचारी कई बार अतिरिक्त अधीक्षक और मुख्य हेड वार्डर जैसे पदनाम का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो किसी भी मायने में ठीक नहीं है। जेल प्रशासन ने कर्मियों को निर्देश दिया है कि वह सही पदनाम का इस्तेमाल करें। गलत पदनाम का इस्तेमाल गंभीर कदाचार के रूप में देखा जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।