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दिल्ली के चिड़ियाघर में आई बाहर: बाघिन सिद्धि ने दिया दो शावकों को जन्म, गर्मी में रखा जा रहा खास ख्याल

Mon, 15 May 2023 09:55 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चिड़ियाघर में 18 साल पहले भी रॉयल बंगाल टाइगर सिद्धि ने पांच शावकों को जन्म दिया था। हालांकि इनमें से तीन की मां के पेट में ही मौत हो गई थी।
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बाघिन सिद्धि ने दिया दो शावकों को जन्म - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली चिड़ियाघर में पूरे 18 साल बाद रॉयल बंगाल टाइगर का कुनबा बढ़ा है। इनके परिवार में दो शावकों ने बीते सप्ताह जन्म लिया है। यह शावक मादा बाघिन सिद्धि व नर बाघ करण के हैं। दोनों शावक पूरी तरह से स्वस्थ बताए जा रहे हैं। चिड़ियाघर में मौजूदा समय में इन दो शावकों को मिलाकर बंगाल टाइगर की संख्या छह हो गई है, जिसमें तीन मादा बाघिन अदिति, बरखा, सिद्धि व एक नर बाघ करण और दो शावक शामिल हैं।

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नन्हें मेहमानों के आने से चिड़ियाघर प्रशासन के साथ यहां घूमने आने वाले दर्शक भी उत्साहित हैं। चिड़ियाघर प्रशासन द्वारा लंबे समय से बाघों के संरक्षण व प्रजनन की प्रक्रिया की पहल की जा रही है। इधर बढ़ती गर्मी को देखते हुए चिड़ियाघर प्रशासन शावकों की विशेष देख रेख में जुटा हुआ है। शावक अपनी मां के साथ सीसीटीवी से ही चिड़ियाघर प्रशासन और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। 

अधिकारियों के मुताबिक अभी शावकों की पहचान नहीं की गई है कि इनमें कौन बाघ है और कौन बाघिन है। शावक बाघिन का दूध पी रहे हैं। चिड़ियाघर को बंगाल टाइगर लाने के लिए खास प्रयास करने पड़े थे। वहीं वर्ष 2020 में बिट्टू के निधन के बाद चिड़ियाघर में केवल एक ही नर बंगाल टाइगर करण रह गया है। करण को मैसूर चिड़ियाघर से यहां लाया गया था।

176 एकड़ में फैला है चिड़ियाघर
दिल्ली चिड़ियाघर देश के सबसे विशाल प्राणी उद्यानों में से एक है। यह 176 एकड़ में फैला हुआ है। यह लगभग 94 प्रजातियों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 1200 वन्य जानवरों का घर है और देसी और विदेशी पक्षियों की एक विस्तृत विविधता का दावा करता है। चिड़ियाघर केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के संरक्षण प्रजनन कार्यक्रमों का भी हिस्सा है।
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पांच शावकों को दिया था जन्म
चिड़ियाघर में 18 साल पहले भी रॉयल बंगाल टाइगर सिद्धि ने पांच शावकों को जन्म दिया था। हालांकि इनमें से तीन की मां के पेट में ही मौत हो चुकी थी, जबकि दो सुरक्षित हैं और अपनी मां के साथ एक ही बाड़े में हैं, दिल्ली जू में यह इतिहास बना है कि वर्ष 2005 के बाद किसी रॉयल बंगाल टाइगर ने शावकों को जन्म दिया है। बाघिन सिद्धि और अदिति को नागपुर से लाया गया था।
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