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अब कांग्रेस में भी छिड़ने वाला है टिकट वार!

Fri, 21 Feb 2014 08:25 PM IST
ओम प्रकाश/ अमर उजाला, फरीदाबाद
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सकारात्मक: वर्ष 1991 से लेकर अब तक चार बार सांसद का चुनाव जीत चुके हैं। दो टर्म से लगातार सांसद हैं। चौधरी देवीलाल की सरकार में एमएलए बने बिना ही मंत्री बने थे। वे कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं और उनकी गिनती गुर्जर समाज के बड़े नेताओं में होती है।
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नकारात्मक : अरविंद केजरीवाल द्वारा उन्हें भ्रष्ट नेताओं की सूची में शामिल करने से छवि पर बुरा प्रभाव। कहा जाता है कि वह बोलते बहुत हैं, वादे बहुत करते हैं पर उसे पूरा नहीं करते। समय-समय पर मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा करते हैं।

इसकी वजह से वह सीएम विरोधी गुट में माने जाते हैं। अगर कृष्णपाल गुर्जर भाजपा से चुनाव लड़ेंगे तो गुर्जर वोट बंट जाएंगे।

करण सिंह दलाल

सकारात्मक: मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समधी लगते हैं, इसलिए सियासी तौर पर मजबूत माने जाते हैं। वह इस समय विधायक नहीं हैं, लेकिन उनके यहां समस्याओं का निदान करवाने के लिए लोगों की खूब भीड़ जुटती है।

बंसीलाल सरकार में वह सबसे ताकतवर मंत्री माने जाते थे, उनके पास 13 विभाग थे। हरियाणा प्रशासनिक सुधार आयोग के चेयरमैन रहते हुए कई ब्यूरोक्रेट्स पर शिकंजा कसा।

नकारात्मक: बड़े आक्रामक माने जाते हैं जिसका उन्हें नुकसान पहुंचता है। विरोधियों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करवाने के आरोप लगते रहे हैं। विरोधी पार्टियां उन पर 20 साल तक विधायक रहने के बावजूद विकास न करवाने का आरोप लगाती हैं। फरीदाबाद में उनकी स्वीकार्यता कम है।
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विजय प्रताप सिंह

सकारात्मक: पिता महेंद्र प्रताप सिंह प्रदेश में राजस्व, तकनीकी शिक्षा व खाद्य एवं आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री हैं। इस 39 वर्षीय युवा नेता ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम किया है। साथ ही इनकी छवि बेदाग है।

नकारात्मक: अब तक कोई चुनाव नहीं लड़ा। पहली बार सांसद का टिकट मांगने वाले इस नेता का नाम अचानक उभरकर आया है।

पहले से लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए क्षेत्र में पकड़ नहीं बनाई। सिर्फ बड़खल विधानसभा क्षेत्र में अच्छी पकड़ है।
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