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जन्म प्रमाण पत्र में डुप्लीकेसी रोकने के लिए थंब इंप्रेशन जरूरी

Sat, 24 Oct 2015 06:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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गुड़गांव में बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र में डुप्लीकेसी ना हो, इसका केवल यही समाधान है कि अस्पताल जन्म पंजीकरण रिकार्ड में आधार एनरोलमेंट को शामिल करें।
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बच्चों के आधार एनरोलमेंट की प्रक्रिया बहुत ही सरल है तथा इसके लिए बच्चे का फोटोग्राफ तथा माता या पिता में से किसी एक का आधार नंबर ही होना जरूरी है। इस प्रक्रिया में बच्चे के थंब इंप्रेशन की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि माता या पिता में से किसी एक का थंब इंप्रेशन जरूरी है।

उक्त बात शनिवार को नगर निगम कार्यालय में अस्पताल प्रतिनिधियों के साथ आयोजित बैठक में कही गई। बैठक में नगर निगम के संयुक्त आयुक्त (मुख्यालय) वाईएस गुप्ता, संयुक्त आयुक्त-1 महेश कुमार, आईटी कंसलटेंट विनोद कुमार, गुड़गांव नर्सिंग होम एवं डायग्नोस्टिक एसोसिएशन प्रधान डा. प्रेमनाथ सहित 50 से अधिक अस्पतालों के प्रतिनिधि एवं डाक्टर मौजूद थे।
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बैठक में बताया गया कि बच्चे के जन्म के 21 दिन के भीतर जन्म पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। कई मामले इस प्रकार के संज्ञान में आए हैं कि दूसरे प्रांतों से यहां आकर रहने वाले लोग यहां पर जन्में बच्चों का जन्म प्रमाण-पत्र यहां से बनवा लेते हैं तथा फिर अपने मूल स्थान से भी बनवा लेते हैं।

ऐसे में जन्म प्रमाण-पत्र में डुप्लीकेसी होती है, जिसे रोकने के लिए आधार एनरोलमेंट ही सही समाधान हो सकता है। इसके लिए यूआईडीएआई द्वारा कुछ कंपनियों के टेबलेट मॉडल अधिकृत किए गए हैं, जो बाजार में वाजिब दामों पर उपलब्ध हैं। अस्पताल अपने किसी प्रतिनिधि को नगर निगम के माध्यम से नि:शुल्क प्रशिक्षण दिलवाकर आधार एनरोलमेंट कार्य को शुरू करवाएं।

बैठक में अस्पताल प्रतिनिधियों की तरफ से जन्म पंजीकरण प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं के बारे में अवगत करवाया गया, जिस पर संयुक्त आयुक्त वाईएस गुप्ता ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे आने वाली समस्याओं के बारे में लिखित रूप से नगर निगम को अवगत करवाएं, उन समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
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