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Delhi NCR News: दिल्ली की तीन मंडियां अगले 100 साल की जरूरत के हिसाब से होंगी विकसित

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सीएम ने चार विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया, बोलीं-30 साल से रुके विकास के काम अब होंगे पूरे
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आजादपुर मंडी में सीवर-ड्रेनेज होंगे नए, प्रवेश-निकास के लिए लगेंगे ‘स्लो स्पीड वे-इन-मोशन सिस्टम’

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की तीन प्रमुख कृषि मंडियों के बुनियादी ढांचे को अगले 100 वर्षों की जरूरतों के हिसाब से विकसित करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को आजादपुर मंडी से केशोपुर, नरेला और आजादपुर मंडी की चार विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में पुरानी सड़कों का निर्माण, अनाज रखने के लिए शेड, सीवर-ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार और वाहनों का वजन करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल शामिल है। सरकार का दावा है कि मंडियों में 15 से 30 साल से अटके बुनियादी कामों को अब गति दी जा रही है। सरकार इन मंडियों में ऐसा मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना चाहती है जो अगले 100 वर्षों की जरूरतों को पूरा कर सके। इसके लिए प्रत्येक मंडी की अलग-अलग जरूरतों का आकलन कर दीर्घकालिक योजना बनाई जा रही है। मंडियों में सड़क, सीवर, जल निकासी, भंडारण, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के इंतजामों को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा। गाजीपुर, नरेला, आजादपुर और केशोपुर मंडियों में उनकी जरूरतों के अनुसार विकास कार्य किए जाएंगे। मंडियों के आधुनिकीकरण में सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल एंड कमांड सेंटर जैसी तकनीकी सुविधाओं पर भी जोर दिया जाएगा।

केशोपुर में 9.48 करोड़ से बनेंगी सड़कें : केशोपुर फल एवं सब्जी मंडी में 9.48 करोड़ रुपये की लागत से 20 साल से अधिक पुरानी आंतरिक सड़कों का निर्माण होगा। सड़कों की खराब स्थिति से मंडी में आने वाले वाहनों और कृषि उत्पादों की आवाजाही प्रभावित होती है।
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नरेला मंडी में अनाज रखने के लिए बनेंगे शेड : करीब 33 एकड़ में फैली नरेला नई अनाज मंडी में दो अस्थायी शेड बनाए जाएंगे। इससे किसानों और व्यापारियों को अनाज रखने के लिए ढकी हुई जगह उपलब्ध होगी। बारिश और खराब मौसम में खुले में रखे अनाज के भीगने या खराब होने का जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।

आजादपुर में पुरानी सीवर लाइनें होंगी दुरुस्त
आजादपुर नई सब्जी मंडी के बी और सी ब्लॉक में करीब 30 साल पुरानी सीवर और ड्रेनेज लाइनों से जुड़ी समस्याएं दूर की जाएंगी। इन लाइनों के धंसने, टूटने, अवरुद्ध होने और पानी का रिसाव होने से परेशानी पैदा होती है। व्यवस्था दुरुस्त होने से जलभराव कम करने और स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। आजादपुर फल एवं सब्जी मंडी के प्रवेश और निकास द्वार पर स्लो स्पीड वे-इन-मोशन प्रणाली भी लगाई जाएगी।
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30 साल से रुके कामों को गति देने का दावा : विकास मंत्री ने कहा कि दिल्ली की मंडियों में पिछले 30 साल से रुके विकास कार्यों को गति दी जा रही है। कई जगहों पर 15 से 20 साल से सड़कें नहीं बनी थीं, जबकि कुछ क्षेत्रों में तीन दशक से सीवर संबंधी सुविधाओं की कमी थी। आने वाले वित्तीय वर्ष में नई फूल मंडी का निर्माण शुरू करने की योजना है। खामपुर में आधुनिक मंडी विकसित करने की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है। इसके लिए कंसल्टेंट नियुक्त किए जा चुके हैं और आगे की प्रक्रिया जारी है। प्रत्येक मंडी में कराए जाने वाले कार्यों की सूची तैयार की गई है। दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड के उपाध्यक्ष को कार्यों के समन्वय और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
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