डीसीपी क्राइम शक्ति मोहन अवस्थी के मुताबिक, गिरफ्तार शेर सिंह उर्फ शेरू गिरोह का सरगना है। वह कई वर्षों से लूट व चोरी की वारदात कर रहा था। बदमाश राज्य व शहर बदलकर लूट की वारदात को अंजाम दे रहे थे। आरोपी पहले किसी शहर में जाकर किराये पर कमरा लेते थे। इसके बाद वहां रेकी कर बाइक या कार चोरी करते थे। चोरी की बाइक से चेन स्नेचिंग और लूट की वारदात को अंजाम देते थे। वारदात के वक्त बाइक से नंबर प्लेट को हटा देते थे।
पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि आरोपी एक दिन में कई वारदात करते थे। नोएडा पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी अलग-अलग सेक्टरों में वारदात करते थे। बदमाश पुलिस से बचने के लिए वारदात के बाद बाइक को घटनास्थल से कुछ दूरी पर जाकर खड़ी कर देते थे। वहां पर पहले से ही इनका एक साथी कार लेकर खड़ा रहता था। जिसमें बैठकर आरोपी फरार हो जाते थे।
500 किमी दूर जाकर करते थे वारदात
एक शहर या जनपद में लगातार एक ही तरीके से स्नेचिंग व लूट की कई वारदात करने के बाद आरोपी शहर छोड़ देते थे। गिरोह के बदमाश करीब 500 किमी दूर के शहर में जाकर किराये पर घर लेते थे। वहां फिर से रेकी कर वारदात का सिलसिला शुरू कर देते थे। मसलन नोएडा में वारदात करने के बाद आरोपी लखनऊ या उसके आसपास के जनपदों में जाकर वारदात करते थे।