दिल्ली की एक अदालत ने एक मकान मालिक को अपने किरायेदार का वेरीफिकेशन न कराने पर तीन माह कैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने कहा कि किरायेदार का वेरीफिकेशन न कराने के कारण असामाजिक तत्व और कभी आतंकी तक कानून के पंजे से बच निकल जाते हैं।
साकेत जिला अदालत के महानगर दंडाधिकारी अशोक कुमार ने सफदरजंग एंक्लेव निवासी भवानी शंकर को दोषी ठहराते हुए तीन माह कैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने मंगलवार के अपने फैसले में कहा कि पहली बार देखने पर आरोपी का कृत्य इतना गंभीर नहीं लगता लेकिन इसके नतीजों पर गौर किया जाए तो अनुभव होगा कि कानून का उल्लंघन किया गया है।
अभियोजन के मुताबिक पुलिस कोटला मुबारकपुर इलाके में 27 मई 2011 को किरायेदार वेरीफिकेशन की जांच कर रही थी। जांच के दौरान पता चला कि भवानी शंकर ने दो किरायेदारों गौतम वरहा व हरीपादा को बिना वेरीफिकेशन के रखा है।
पुलिस के वेरीफिकेशन संबंधी दस्तावेज मांगने पर वह पेश नहीं कर पाया। यह पुलिस उपायुक्त के आदेश का उल्लंघन है। पुलिस ने भवानी शंकर को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उसकी जमानत हो गई थी।