कार्डियोलॉजी विभाग में दिखाया तो डॉक्टरों ने भी चार माह के भीतर ऑपरेशन कराने की सलाह दी। लेकिन डॉक्टरों ने लाचारी व्यक्त करते हुए ये भी कहा कि एम्स में 10 मई 2021 से पहले ऑपरेशन नहीं किया जा सकता। इसे कहीं और ले जाओ। इसके बाद से ही जवान हताश है।
समय बीता, अब भी ऑपरेशन का इंतजार
सनत के अनुसार एम्स के डॉक्टरों ने चार माह का वक्त दिया है। जोकि अब खत्म होने को है। अब वह और भी ज्यादा परेशान हैं। चूंकि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं कि दिल्ली के निजी अस्पताल में ऑपरेशन करा सकें। लिहाजा उन्होंने बड़ी ही मुश्किल से सर गंगाराम अस्पताल में मदद मांगी है। जहां से जवाब आना बाकी है।
वेटिंग नहीं हुई कम, एम्स ने बना डाली मुहर
एम्स में वेटिंग का यह कोई पहला मामला नहीं है। वर्षों तक पहुंच रही वेटिंग को कम करने के लिए एम्स प्रबंधन के इंतजाम नाकाफी साबित हुए। शायद इसीलिए एम्स ने ऐसा फैसला लिया है, जिसे अब तक देश के किसी भी सरकारी अस्पताल में देखा नहीं गया।
एम्स ने अब एक ऐसी मुहर बनाई है, जिसे वेटिंग के साथ मरीज के कार्ड पर चस्पा कर दिया जाता है। इसमें लिखा है, दाखिले की अनुमति तारीख मरीजों की भीड़ के कारण शीघ्र भर्ती संभव नहीं है। जल्द उपचार के लिए अन्य सरकारी अस्पताल से संपर्क कर सकते हैं।