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मथुरा के बाद हाथरस में भी बड़ा जमीन घोटाला, यीडा के करोड़ों रुपये फंसे

Wed, 20 Jun 2018 11:03 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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मथुरा के बाद अब हाथरस में भी उसी तरह का जमीन घोटाला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में इसके मथुरा से भी बड़ा घोटाला होने की बात सामने आई है साथ ही इस घोटाले से मथुरा जमीन घोटाले से जुड़े कई नाम इसमें भी सामने आ रहे हैं।  

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दरअसल, यमुना एक्सप्रेसवे को बनाने के लिए हाथरस के मुढ़ावली गांव के किसानों से करीब 42 हेक्टेयर जमीन खरीदी गई थी। जमीन देने वाले किसानों को विकसित एरिया में सात फीसदी भूखंड देना था। इसी का आड़ लेकर 2013 में हाथरस में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी गई, चूंकि जमीन खरीदने से पहले नियोजन विभाग की रिपोर्ट लगती है। हाथरस में जमीन खरीदने में नियोजन विभाग की रिपोर्ट लगी कि आगरा व मथुरा के किसानों को भी हाथरस में सात फीसदी आवासीय भूखंड दिया जाना है।

इसलिए जमीन खरीदना है। इसके बाद खूब जमीन की खरीदी गई, जबकि यह मास्टर प्लान से बाहर की जमीन है। यहां भी जमीन खरीदने में अधिकतर वही नाम सामने आ रहे हैं, जो कि मथुरा में जमीन घोटाले में हैं। हाथरस में भी पहले इन लोगों ने किसानों से सस्ती दर पर जमीन खरीद ली। उसके बाद कुछ समय बाद प्राधिकरण ने उसे खरीद लिया। सूत्र बताते हैं, कि जितनी जमीन मथुरा में खरीदी गई है उससे अधिक जमीन हाथरस में खरीदी गई।

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इन चार बिंदुओं पर होगी जांच 

कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए प्राधिकरण को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।  नोएडा के सेक्टर-25 निवासी रमेश बंसल ने यीडा के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार से बीते साल नवंबर में शिकायत की थी। उसके बाद प्रारंभिक जांच हुई, जिसमें मथुरा में जमीन घोटाले की तरह हाथरस में जमीन खरीदे जाने की बात सामने आई। कई नाम भी वही मिले, जो कि मथुरा में जमीन खरीदने में शामिल रहे हैं। इस पर चेयरमैन ने सीईओ को इसकी विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए। सीईओ ने भी यीडा के नियोजन विभाग की महाप्रबंधक मीना भार्गव को इसकी जांच सौंपी है। हालांकि कितनी जमीन खरीदी गई और कितने रुपये खर्च हुए, इसकी सही जानकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद मिल सकेगी, लेकिन मथुरा में 126 करोड़ रुपये के घोटाले से भी बड़ा बताया जा रहा है।   

इन चार बिंदुओं पर होगी जांच 
- हाथरस में किस प्रयोजन के लिए भूमि खरीदी गई 
- खरीदी गई भूमि समेकित (कॉन्टिन्युअस) है या नहीं 
- उस समय भूमि का उपयोग क्या था 
- क्रय की गई भूमि की क्या स्थिति है 
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मथुरा में मिले मुआवजे से खरीदी हाथरस में जमीन 

हाथरस में जमीन घोटाले के तार मथुरा से एक और तरीके से भी जुड़ रहे हैं। जिन लोगों ने मथुरा में सस्ती दर पर किसानों से जमीन खरीदी। उन लोगों से जमीन प्राधिकरण ने खरीद ली। उससे जो मुआवजा मिला उसी से हाथरस में किसानों से सस्ती दर पर जमीन खरीद ली गई। उसे फिर प्राधिकरण ने खरीदा। सूत्र बताते हैं, कि मथुरा व हाथरस में ब्लैक मनी से जमीन खरीदी गई। उसे प्राधिकरण ने खरीदा तो एक नंबर में पैसा मिला। कुछ ही समय में पैसे को कई गुना कर लिया गया।  

डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यीडा  ने जांच के निर्देश दिए थे, जिस पर नियोजन विभाग की महाप्रबंधक मीना भार्गव को इसकी जांच सौंपी गई है। उनसे जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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