उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से राजधानी में होलसेल का कारोबार करने वाले व्यापारियों से ठगी हो रही थी। करीब दो माह से आरोपी कारोबारियों से माल लेने के बाद उनको ऑन लाइन पेमेंट का फर्जी स्क्रीन शॉट उनके नाम से दिखाकर रफूचक्कर हो जा रहे थे। लोकल पुलिस के अलावा साइबर थाना प्रभारी पवन तोमर व अन्यों की टीम भी इसकी जांच कर रही थी।
पिछले दिनों इन लोगों ने नारायणा में गारमेंट कारोबारी से माल लेकर उससे 1.66 लाख रुपये का चूना लगा दिया था। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन का पता किया। लेकिन इनके ज्यादातर मोबाइल फोन बंद मिले। छानबीन करने पर पता चला कि आरोपी वारदात के बाद गाजियाबाद की ओर भागे थे। जांच के बाद उनके गाजियाबाद के एक होटल में होने का पता चला।
पुलिस की टीम को पता चला कि आरोपी कश्मीरी गेट इलाके में मौजूद हैं। एक टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को कश्मीरी गेट इलाके से दबोच लिया। इनके पास से पांच टी-शर्ट जो इन लोगों ने नारायणा में हरीश गुप्ता नामक कारोबारी के यहां से ठगी थी बरामद हुई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने ठगी की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि कारोबार में घाटा होने के बाद इन लोगों ने ठगी शुरू की।
स्पूफ एप से लगा रहे थे चूना
पुलिस की पूछताछ में तीनों ने बताया की कारोबार में घाटा होने के बाद इन पर कर्जा हो गया था। उसे उतारने के लिए आरोपियों ने होलसेल कारोबारियों को चूना लगाने की योजना बनाई। इसके लिए इन लोगों ने गूगल प्ले स्टोर से स्पूफ एप डाउनलोड कर लिया। इस एप में किसी का भी मोबाइल नंबर डालकर उसका नाम लिखकर फर्जी पेमेंट की रसीद तैयार कर ली जाती है।
उसे स्क्रीन शॉट की रूप में दिखाकर आरोपी माल लेकर रफूचक्कर हो जाते थे। होलसेल कारोबारियों को कॉल करने के लिए आरोपी इंडियामार्ट से कारोबारियों के नंबर प्राप्त कर उनको कॉल करते थे। पुलिस पकड़े गए आरोपियों पूछताछ करामले की छानबीन कर रही है।