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पंचायत चुनाव : हजारों मतदाता नहीं कर सकेंगे मतदान

Sat, 02 Jan 2016 06:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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निर्वाचन आयोग के भरसक प्रयास के बावजूद सरकारी तंत्र की अव्यवस्था की वजह से इस बार हरियाणा में 10, 17 और 24 जनवरी को होने वाले पंचायत आम चुनाव में हजारों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। इसकी एक नहीं कई वजह हैं।
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बताया गया है कि चुनावों की तिथि तय है, मगर मतदाता सूचियों में अद्यतन का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। वार्डबंदी में ग्राम सचिव और दबंगों की ओर से मिलकर की गई गड़बड़ियों की जांच का काम भी अभी तक अधूरा पड़ा है। सीएम विंडो में भी ऐसे मामलों की शिकायत भेजने के बावजूद शिकायतकर्ताओं को समाधान नहीं मिल पाया है।

पहली वजह के तौर पर अगर किसी मतदाता ने अपने बीएलओ को नया मत बनवाने के लिए 25 नवंबर के बाद अपना फॉर्म जमा कराया, तो संबंधित उम्मीदवार का वोट संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल हो जाएगा।
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ऐसा नियम कहता है। मगर ऐसे मतदाता अगर उन विधानसभा क्षेत्रों के गांवों में रहते हैं, जहां चुनाव 10 जनवरी को होने जा रहे हैं, वहां उनके वोट संभवत: विधानसभा की सूची में शामिल हो जाने के बावजूद मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे।

ऐसी सूरत में संबंधित मतदाता की ओर से बीएलओ को चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले मतदाता बनने का फार्म जमा कराने के बाद मतदान करने का अधिकार नहीं मिल पाएगा।

वहीं ऐसे मतदाता जो हरियाणा के अलावा राजस्थान के किसी गांव अथवा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता के तौर पर पंजीकृत हैं। ऐसी स्थिति में उनके वोट किसी ग्रामीण की शिकायत की वजह से काटे जा सकते हैं।

लगभग यह तय है कि अगर ऐसे व्यक्ति ने राजस्थान में भी विधानसभा चुनाव में मतदान किया है और यह बात साबित हो जाती है कि वह राजस्थान के गांव में रहता है तो उसे भी मतदान के अधिकार से वंचित रहना पड़ सकता है।

इसके अलावा दिसंबर में 18 साल से अधिक आयु वाले युवक-युवतियों को भी 10 जनवरी को होने वाले मतदान में हिस्सा लेने का मौका नहीं मिलेगा।

बता दें कि जिन लोगों ने बीएलओ के पास 25 नवंबर के बाद नए मत बनवाने के लिए अपने फॉर्म जमा कराए हैं, उनके वोट विधानसभा की मतदाता सूची में सीधे दर्ज करने के लिए भेज दिया गया।

मगर मतदान की तिथि चूंकि 10 जनवरी है और संबंधित सूची का अंतिम प्रकाशन 11 जनवरी को होने वाला है, इसलिए इस सूची में अगर ऐसे लोग मतदाता भी बन गए तो भी उनको पंचायत चुनाव में मतदान का अधिकार नहीं मिल पाएगा।

पंचायत चुनाव के लिए अलग से मत बनवाने का फॉर्म भरकर जमा कराना था, जो कि कई ऐसे लोगों ने जमा नहीं कराया है। इसे सरकारी तंत्र की कमी कहे या फिर लोकतंत्र का मजाक समझे मगर हजारों ऐसे लोग पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित रहने वाले हैं।
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फिलहाल जिला निर्वाचन विभाग के अधिकारी इस मामले को सरकारी तंत्र से जुड़ा होने की वजह से इसे अपने अधिकार क्षेत्र की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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