पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर वकीलों की हड़ताल को चलते हुए अब 50 से ज्यादा दिन बीत चुके हैं। हड़ताल के चलते एक हजार से ज्यादा जमानत अर्जियों पर होने वाली सुनवाई भी अटकी पड़ी हैं।
ऐसे में डासना जेल में बंदियों की संख्या भी करीब चार हजार पहुंच गई है। इसके साथ ही न्यायिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
हाईकोर्ट की मांग के चलते 12 नवंबर से पश्चिमी यूपी के 22 जिलों के अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। इसी के चलते जमानती अपराध वाले बंदी भी जेल पहुंच रहे हैं।
हालत यह है कि 1750 बंदियों की क्षमता वाली डासना जेल में बंदियों की संख्या चार हजार के पास पहुंच चुकी है। 50 से ज्यादा दिन हड़ताल खिंचने के चलते न्यायिक कार्य भी प्रभावित हुआ है।
पिछले माह आयोजित की गई राष्ट्रीय लोक अदालत पर भी वकीलों की हड़ताल का व्यापक असर पड़ा था। लोगों को सोमवार का इंतजार है।
माना जा रहा है कि सोमवार को वकील संभवत अपनी हड़ताल वापस ले सकते हैं। हालांकि स्थिति अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पंडित और सचिव योगेंद्र कौशिक का कहना है कि तीन जनवरी को मेरठ में 22 जिलों के अधिवक्ताओं की बैठक होनी है। इस बैठक में ही हड़ताल को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।