गुरुवार को सुबह कोहरे के कारण लोगों को वाहनों की लाइट जलाकर गुजरना पड़ा।
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गौतमबुद्ध नगर में पंजीकृत व्यावसायिक वाहनों को हरियाणा और विशेषकर गुरुग्राम में परेशान किया जा रहा है। हरियाणा पुलिस हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने से जबरन चालान काट रही है।
बृहस्पतिवार को कैब चालक एआरटीओ से मिले और इस मामले की शिकायत की। एआरटीओ ने इस मामले की शिकायत शासन में करते हुए हरियाणा परिवहन और पुलिस को पत्र लिखकर ऐसा न करने की अपील की है।
दरअसल, दिल्ली और हरियाणा में वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी होती है। जबकि यह नियम यूपी में अभी लागू नहीं हो पाया है। इससे हरियाणा और पंजाब में यूपी के व्यावसायिक ही नहीं, निजी वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने से चालान किया जा रहा है।
इसी तरह का मामला बुधवार को नोएडा निवासी कैब चालक धर्मवीर के साथ चौथी बार हुआ। चालान से कुंठित होकर वह अपने साथियों को लेकर परिवहन विभाग पहुंचा। यहां एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय से शिकायत की कि यूपी-16 नंबर की जो भी कैब हरियाणा के गुरुग्राम व पंजाब में जाती है तो उनका बिना किसी कारण ही चालान कर दिया जाता है।
एक हजार रुपये का चालान और कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं। मामले में एआरटीओ की ओर से परिवहन मंत्री के लिए संबोधित एक पत्र लिखा और उसी की कॉपी हरियाणा परिवहन मंत्री और पुलिस के आला अधिकारियों को लिखी जिसमें बताया गया कि यूपी में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट योजना अभी लागू नहीं हो पाई है। इसलिए नंबर प्लेट को लेकर वाहनों का चालान न किया जाए।
700 बकायेदारों को भेजी आरसी
नोएडा। परिवहन विभाग ने बृहस्पतिवार को 700 ऐसे लोगों को रिकवरी नोटिस (वाया तहसील) भेजे हैं जिन्होंने दो साल से कोई टैक्स जमा नहीं किया है। इन पर 20 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का टैक्स बकाया है। सभी को नोटिस भेजकर बकाया राशि को जमा कराने के लिए गया है। एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय ने बताया कि करीब 1600 लोगों को पहले ही नोटिस भेजे जा चुके हैं और अब 700 लोगों को फिर नोटिस भेजे गए हैं। अधिकतर मामले ऐसे हैं जिनमें लोगों ने वाहन को बेच दिया है और दूसरे व्यक्ति ने टैक्स जमा नहीं किया है।