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ये है तिहरे हत्याकांड का सच, दोस्त ने मौत के घाट उतारा था परिवार

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मध्य दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में तिहरे हत्याकांड की गुत्थी से पुलिस ने बुधवार को पर्दा उठा दिया। पुलिस ने इस संबंध में संजय कुमार के एक दोस्त समेत सात आरोपियों को दबोचा है।
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पकड़े गए दो आरोपी नाबालिग हैं। बालिग आरोपियों की पहचान राजन सिंह उर्फ अभिषेक, राजेंद्र उर्फ राजू, संजय कुमार व बुलंदशहर निवासी हरेंद्र गिरी और राम किशोर के रूप में हुई है।

पुलिस की मानें तो डकैती डालने की नीयत से आरोपियों ने पूरे परिवार की हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटा गया कुछ कैश और जेवरात बरामद किए हैं। पुलिस को मामले में एक और आरोपी की तलाश है।
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अलमारी में छुपाई गई थी संजय की लाश

मध्य रेंज के संयुक्त आयुक्त एस के गौतम ने बताया कि रविवार सुबह राजेंद्र नगर पुलिस को 6/72, ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित तीसरी मंजिल के फ्लैट से संजय कुमार, उसकी पत्नी ज्योति और बेटे पवन की लाश मिली थी।

संजय की लाश को आलमारी में छुपाया गया था। सुबह जब नौकरानी घर पहुंची तो हत्याकांड का पता चला था। घर का सारा सामान भी फैला हुआ था।

छानबीन के दौरान लूटपाट की आशंका के अलावा भाई से प्रॉपर्टी विवाद का भी पुलिस को पता चला। वहीं पता चला कि धोखाधड़ी व अन्य नौ आपराधिक मामलों में संजय कुमार शामिल रहा था।

एक-एक कर सात आरोपियों की हुई है गिरफ्तारी

उसने हत्या के प्रयास समेत चार मामले दूसरे लोगों पर दर्ज भी कराए थे। चार-पांच माह संजय जेल में भी बंद रहा था। ऐसे में कई दृष्टिकोण से मामले की छानबीन की गई।

जांच के लिए पुलिस ने जिले की 25 टीमों में 200 पुलिसकर्मियों को शामिल किया। टेक्निकल सर्विलांस और लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने संजय के दोस्त राजन सिंह को दबोच लिया।

उसके बाद एक-एक कर सात आरोपियों को दबोचा। हरेंद्र गिरी और रामकिशोर को बुलंदशहर से पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने डकैती के मकसद से हत्या की बात कबूल की। आरोपियों के पास से लूट का कुछ माल भी बरामद हुआ।

इस तरह रची गई थी हत्याकांड की साजिश

मुख्य आरोपी राजन ने बताया कि उसे पता चला था कि संजय ने हाल में किसी प्रॉपर्टी को बेचा है, जिसके करोड़ों रुपये उसके पास आए हैं। इसके बाद उसने लूट की साजिश रची।

योजना के तहत उसने राजू नामक आरोपी को लड़कों का इंतजाम करने के लिए कहा। सात जनवरी को वह एक सौदा करने के बहाने संजय के घर रेकी करने पहुंचे।

नौ जनवरी को वारदात को अंजाम देने के लिए सभी आठ आरोपी कन्हैया नगर में जुटे। रात आठ बजे सभी संजय के घर पहुंचे।
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पवन को उसके कमरे में मौत के घाट उतारा गया

दोनों नाबालिगों को गेट पर नजर रखने के लिए खड़ा कर दिया गया। वहीं एक अंदर गेट पर खड़ा हो गया। अंदर पहुंचकर आरोपियों ने पहले संजय की उसके कमरे में गला घोंटकर हत्या की।

बाद में पवन को उसके कमरे में टीवी देखते हुए गला दबाकर मौत के घाट उतारा गया। इस बीच किचन में ज्योति की हत्या की गई। बाद में पूरे घर की तलाशी ली गई।

माल लूटकर रात 12:00 बजे सभी आरोपी फरार हो गए। कितनी रकम और जेवरात लूटे गए फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो पाया है।
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