फरवरी में गर्मी लोगों के पसीने छुड़ा रही है। रविवार को भी फरवरी में गर्मी का रिकॉर्ड बना था। तब तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था। मौसम विज्ञान के उपमहानिदेशक डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि फरवरी में दूसरी बार सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज हुआ है। अमूमन फरवरी इतनी गर्म नहीं होती है। फरवरी में ही तापमान इतना क्यों बढ़ रहा है, इस पर उन्होंने कहा कि फरवरी में कोई भी पश्चिम विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ। इस कारण से बारिश भी नहीं हुई।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय नहीं होने से बढ़ रहा तापमान
पश्चिमी हिमालयन क्षेत्र में ही विक्षोभ सक्रिय हुए लेकिन यहां उनका प्रभाव नहीं पड़ा। वहीं अभी सूरज की तपिश भी सीधी ही धरती पर पड़ रही है, हवा की रफ्तार भी कम है। पश्चिमी हवा आ रही है लेकिन वो गर्म है। इस कारण से तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। क्या अभी लू की स्थिति है इस पर उन्होंने कहा कि जब 40 डिग्री से ऊपर होता है और तापमान की सामान्य वैल्यू काफी ज्यादा होने पर ही लू का प्रकोप होता है।
राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार अभी एक सप्ताह तक कोई पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हो रहा, इस कारण से गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इस दौरान तापमान 31 से 33 डिग्री के बीच बना रहने का अनुमान है। सोमवार को पीतमपुरा इलाके में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यहां न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस रहा। नजफगढ़ व पूसा में 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।