शादी के सात फेरों संग सात जन्मों तक साथ निभाने की कसमें तो हर कोई खाता है, लेकिन गृहस्थी जीवन में कुछ दूर साथ चलने के बाद वह जिम्मेदारियों में उलझ जाते हैं।
हालांकि राजधानी के राजनीतिक दंगल में 10 ऐसे जोड़े भी हैं, जोकि हर कदम कसमों को निभाने में जुटे हुए हैं। पति विधानसभा चुनावी दंगल के योद्धा हैं तो नगर निगम की पार्षद पत्नियां जीत के लिए सारथी बनी हुई हैं। जबकि दो महिला पार्षद उम्मीदवार ऐसी है जिनमें एक के पार्षद पति तो दूसरी के निवर्तमान विधायक चुनावी दंगल में उनकी ओर से मोर्चा संभाले हुए हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में वैसे तो सभी पार्षद अपने-अपने दल के उम्मीदवार को जीताने के लिए सक्रिय हैं, लेकिन इनमें आठ महिला पार्षद कुछ ज्यादा ही जी-जान से जुटी हुई हैं।
दरअसल, उनके पति जो चुनाव लड़ रहे हैं। पति को जीताने के लिए आजकल वे बच्चों की भी सुध नहीं ले रही हैं। सभी महिला पार्षद अपने पतियों को विजयी बनाने के लिए सुबह से लेकर देर शाम तक इलाके में प्रचार में जुटी हुई हैं।
‘राजनीति’ में बंटे मां-बेटे
मां को दो चुनाव जीताने में दिन-रात एक करने वाले बेटे को चुनावी दंगल में अपनी उसी मां का साथ नहीं मिल रहा है। दरअसल मुसीबत के समय में अपने आंचल को कवच बनाकर बचाने वाली मां राजनीतिक मजबूरी के चलते चुनाव लड़ रहे बेटे का साथ नहीं दे पा रही है।
करावल नगर से भाजपा पार्षद अन्नपूर्णा मिश्रा के बेटे कपिल मिश्रा आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस कारण अन्नपूर्णा अपने बेटे के बेटे का साथ देना तो दूर बल्कि अपने बेटे के धुर विरोधी भाजपा का साथ देना पड़ रहा है। घरवालों भी धर्म संकट में हैं कि वे किस पार्टी को वोट दें। यहां राजनीति में रिश्ते ही दांव पर लगे हुए हैं।
कौन हैं ये पत्नियां और उनकी पत्नियां
किस पार्षद का कौन कहां से लड़ रहा है चुनाव
शोभा विजेंद्र के पति विजेंद्र गुप्ता, रोहिणी से
केशरानी के पति नील दमन खत्री, नरेला से
सतविंद्र कौर के पति एमएस सिरसा, राजौरी गार्डन से
सुदेशवती के पति मदन मोहन, पालम से
पिंकी जैन के पति प्रवीन जैन, सदर से
पुष्पा सिंह के पति सतबीर सिंह, महरौली से
सुनीता गुलिया के पति राकेश गुलिया, ग्रेटर कैलाश से
अंजना शर्मा के पति सुरेंद्र शर्मा, गांधी नगर से
मेघराज चंदेला की पत्नी मीनाक्षी चंदेला, राजौरी गार्डन से
निवर्तमान विधायक रामबीर शौकीन की पार्षद पत्नी रीटा, मुंडका से