दिल्ली विधानसभा चुनाव में की सबसे हॉट सीट नई दिल्ली पर अरविंद केजरीवाल की प्रतिष्ठा दांव पर है। वैसे तो मौजूदा मुकाबले में सबसे हैवी वेट कैंडिडेट आप के केजरीवाल ही हैं, लेकिन यहां निर्णायक माने जाने वाले अधिकांश केंद्रीय कर्मचारी, देश के वीआईपी सहित यहां के कॉस्मोपोलिटन वोटर चुप्पी साधे हैं। भाजपा व कांग्रेस ने केजरीवाल के सामने नारी शक्ति को खड़ा किया है।
इस बार यहां से कुल 13 उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा ने यहां से तेजतर्रार व डीयू की पूर्व अध्यक्ष नूपुर शर्मा को उम्मीदवार बनाया है तो कांग्रेस ने अपनी अनुभवी नेत्री व पूर्व मंत्री किरण वालिया को उतारा है।
आरएमएल अस्पताल के सामने स्थित केंद्रीय कर्मियों की आवासीय कॉलोनी में पंद्रह बीस युवा भाजपा के झंडे व नूपुर को वोट दें की टोपी पहने प्रचार करते मिले, इस टोली में शामिल धर्मेंद्र के अनुसार केजरीवाल के जीतने के बाद व अब भी क्षेत्र से गायब हो जाने व मोदी लहर के बीच अच्छा रेस्पॉंस उन्हें मिल रहा है। डीयू, एबीवीपी व युवाओं की टीमें नूपुर के प्रचार में इस क्षेत्र में लगी हुई हैं।
क्षेत्र में नहीं हुई है कोई जनसभा
इस सीट से अरविंद का प्रचार का जिम्मा संभाल रहे गोपाल मोहन का कहना है कि नई दिल्ली क्षेत्र में अरविंद की कोई जनसभा नहीं होगी। वह डोर-टू-डोर प्रचार कर चुके हैं और करेंगे। दरअसल, पूरी दिल्ली में पार्टी को जिताने की जिम्मेदारी के तहत अपनी सीट पर केजरीवाल समय तो नहीं दे पा रहे हैं लेकिन सैकड़ों वॉलेंटियर वोटरों के बीच पहुंच रहे हैं, इसमें लोकसभा का चुनाव लड़ चुके आशीष खेतान पर भी खास जिम्मा है।
पार्टी का मानना है कि अरविंद के शीला को भारी अंतर से हराने के बाद अब नई दिल्ली सीट पर कुछ अप्रत्याशित होने या वोट मार्जिन कम रहने में भी केजरीवाल की प्रतिष्ठा दांव पर है।
कांग्रेस का प्रचार भी इस सीट पर ज्यादातर डोर टू डोर दिख रहा है। कांग्रेस की प्रत्याशी लगातार केजरीवाल पर हमले कर चुनाव आयोग में उनकी शिकायत कर जनता को आप से मोड़ने की कोशिश में है।
प्रधानमंत्री का नाम वोटर लिस्ट में नहीं
नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के करीब सवा लाख मतदाताओं में से 69 प्रतिशत सरकारी अधिकारी व कर्मचारी ही हैं। सांसदों, मंत्रियों, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति आवास भी इस विस क्षेत्र में ही हैं। जातिगत समीकरण भी यहां काम नहीं करते हैं। पूरा इलाका एनडीएमसी क्षेत्र में आता है, इसलिए यहां पर नगर निगम चुनाव नहीं होते।
नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में 7 रेसकोर्स रोड पर रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ा है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार संभवत: अभी गुजरात की लिस्ट से उनका नाम नहीं कटा होगा।
ये इलाके हैं शामिल: संसद मार्ग, पार्क एवेन्यू, नार्थ एवेन्यू, साउथ एवेन्यू, चर्च रोड, गोल मार्केट, अकबर रोड, लोधी रोड, मानसिंह रोड, अशोक रोड, जनपथ, रेस कोर्स रोड, कस्तूरबा गांधी मार्ग, कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, भगवानदास मार्ग मंदिर मार्ग, तालकटोरा रोड, सरोजनी नगर, राजाजी मार्ग, तुगलक रोड, पृथ्वीराज रोड, वाल्मीकि बस्ती, हैली रोड आदि ।
वोट किसे दूंगा यह सोचने का समय अभी है
महंगाई कम करने के अलावा केजरीवाल सरकार ने अपने वायदे के अनुसार बिजली-पानी के रेट भी कम किए। वोट किसे दूंगा इसके लिए तो अभी मेरे पास 7 फरवरी तक का समय है।
सोमपाल, दुकानदार गोल मार्केट
केजरीवाल का निर्णय बुरा लगा, पर वे अच्छे हैं
पिछली बार हमने अरविंद केजरीवाल को वोट दिया था, पर केजरीवाल सरकार छोड़कर भाग गए, बुरा लगा। लेकिन उन्होंने गरीबों के लिए काफी काम किए। मोदी के हमारी बस्ती में आने पर वाल्मीकि मंदिर में लगाए गए फूलों के गमले तुरंत ही वापस ले गए तो बहुत बुरा लगा। आप को ही वोट की सोच रहे हैं।
लक्ष्मी, निवासी वाल्मीकि बस्ती