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क्या AAP कार्यकर्ताओं के साथ ही छल कर रहे थे ये नेता?

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आम आदमी पार्टी (आप) के शीर्ष नेतृत्व की लड़ाई बेशक चरम पर है। पार्टी टूटने के कगार पर भी खड़ी है। बावजूद इसके दोनों गुट सार्वजनिक तौर पर सधे अंदाज में आगे बढ़ रहे हैं।
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दोनों तरफ के नेताओं की कोशिश यही है कि आपसी लड़ाई का उनके व्यक्तित्व पर असर न पड़े। खासतौर से आम कार्यकर्ताओं के बीच दोनों बेचारे दिखना चाहते हैं। तीखे आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच भी दोनों कार्यकर्ताओं से गहरी सुहानूभूति जताना नहीं भूलते।

योगेंद्र यादव ने शनिवार को राष्ट्रीय परिषद के भीतर चली उठापठक की विस्तार से जानकारी दी। लेकिन आखिर में भावुक अपील करना नहीं भूले कि एक दिन के नाटक से उस आंदोलन की मर्यादा का मूल्यांकन मत कीजिए, जिसके लाखों कार्यकर्ताओं ने अपने खून-पसीने पार्टी को खड़ा किया है।
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दोनो कर रहे हैं कार्यकर्ताओं को लुभाने की कोशिश

उनके विचार काफी बड़े हैं। वह आदर्शवादी लोग हैं। हम नेताओं ने आज बहुत छोटा काम किया है, लेकिन हमारे कार्यकर्ता इतने छोटे लोग नहीं है।  वहीं, एक दिन पहले योगेंद्र यादव ने कहा था कि उनका मूल मुद्दा कार्यकर्ताओं को पार्टी में भागीदारी दिलाना है। उनकी राय अनिवार्य तौर पर ली जाए। कार्यकर्ता हमारी रीढ़ हैं।

दूसरी तरफ परिषद के फैसलों केजरिए कार्यकर्ताओं के मसले पर योगेंद्र यादव को जवाब देने की कोशिश की गई। आप कार्यकर्ताओं की भागीदारी तय करने के लिए न सिर्फ एक कमेटी बनाई गई।

बल्कि यह भी तय हुआ कि आप की दिल्ली सरकार को चलाने में भी देश भर के कार्यकर्ताओं की राय अहम होगी। संजय सिंह ने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं के नाम पर योगेंद्र यादव को भ्रामक जानकारी नहीं फैलानी चाहिए।
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ऐसा होगा योगेंद्र यादव का अगला कदम

टीम योगेंद्र दूसरे तरीकों से अपनी जमीन तैयार करने में जुटी है। एक समय था जब पार्टी की नींव रखते समय अरविंद केजरीवाल दूसरी पार्टियों पर बड़े-बड़े आरोप लगाते थे। फिर, आखिर में बड़ी बेचारगी से कहते कि हम क्या मांग रहे हैं जी।

सिर्फ यही ना कि एक जांच करा लो। इससे दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। अब योगेंद्र यादव भी इसी नक्शे कदम पर आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, उनका आरोप अपनी पार्टी के खिलाफ है।

केजरीवाल की ही तरह योगेंद्र यादव का भी कहना है कि पार्टी में कुछ अनियमितताएं दिखीं। पार्टी फोरम पर हमने उसे उठाया। हमारी मांग सिर्फ इतनी सी है कि इसकी जांच करा लो। इसमें हमें किसी तरह की अड़चन नहीं दिखती।
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