आम छात्रों की तर्ज पर अब किन्नरों को भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का बराबर मौका मिलेगा। किन्नरों के वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए ही सरकार देशभर के स्कूलों, कालेजों व विश्वविद्यालयों से लेकर छात्रवृत्ति आवेदन पत्र में अब थर्ड जेंडर का कॉलम अनिवार्य कर रही है।
वहीं, सरकार ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को पत्र लिखा है कि मेडिकल पढ़ाई में किन्नरों की दक्षता और प्रभावकारी उपचार में समर्थ बनाएं और इससे संबंधित पाठ्यक्रम भी बनाएं।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय आम लोगों की तर्ज पर किन्नरों को भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका देना चाहता है। इसी के तहत सरकार ने दाखिला आवेदन पत्र से लेकर छात्रों को मिलने वाली विभिन्न छात्रवृत्तियों का लाभ प्राप्त करने के लिए भरे जाने वाले आवेदन पत्र में थर्ड जेंडर का कॉलम अनिवार्य कर दिया है।
सरकार ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग समेत संबंधित शिक्षा बोर्ड को अपने आवेदन पत्र में थर्ड जेंडर का कॉलम बनाने का निर्देश दिया है। यूजीसी भारत में किन्नर जीवन और सभ्यता से संबंधित मुद्दों पर मानव जाति अनुसंधान के बारे में सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र लिखेगा।
इसके लिए यूजीसी ने किन्नरों से संबंधित मुद्दों के लिए एक कार्य योजना तैयार की है। जल्द ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग इस संबंध में विश्वविद्यालयों समेत संबंधित एजेंसियों को नई प्रक्रिया की अधिसूचना जारी कर देगा।
मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, सरकार आम छात्रों की तर्ज पर किन्नरों की सेहत को भी तवज्जो दे रही है। इसी के चलते मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी पत्र लिखा गया है। सरकार ने एमसीआई से पाठ्यक्रमों में पाठ्यचर्चा सुधारों को शुरू करने को कहा है। ताकि किन्नरों की दक्षता और प्रभावकारी ढंग से उपचार करने में समर्थ बनाया जा सके।