पॉलिथीन के इस्तेमाल के खिलाफ अभियान चलाने वाले जिला प्रशासन और नगर निगम को अब अपना घर सुधारने का ख्याल आया है। सरकारी कार्यालयों में नो पॉलिथीन अभियान चलाया जाएगा। रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा सरकारी कर्मचारियों को 10 रुपये में कपड़े के थैले उपलब्ध कराए जाएंगे। इनका निर्माण जेल के कैदी कर रहे हैं।
यह पहला अवसर होगा जब सरकारी कर्मचारियों के हाथों में पॉलिथीन के स्थान पर कपड़े के थैले देने का काम शुरू होगा। इसकी शुरूआत नगर निगम गुड़गांव और लघु सचिवालय से की जाएगी। इन दोनों स्थानों को पॉलिथीन फ्री जोन बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
निगमायुक्त टीएल सत्यप्रकाश ने कहा कि पॉलिथीन मुक्त मुहिम को शहर से गांवों की ओर ले जाने का भी प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत रेडक्रॉस भवन में फर्स्ट एड की ट्रेनिंग करने वालों को कपड़े का थैला उपलब्ध करवाना शुरू हो गया है।
रेडक्रॉस सचिव व नगर निगम के स्वच्छता सलाहकार श्याम सुंदर ने कहा कि यदि हर घर में दो कपड़े के थैले भी प्रतिदिन इस्तेमाल किए जाएं तो धीरे-धीरे पॉलिथीन के प्रयोग को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 10 हजार कर्मचारियों व अधिकारियों को अच्छी गुणवत्ता वाले कपड़े के थैले उपलब्ध करवाए जाएंगे।
नगर निगम के अकाउंट ब्रांच व निगमायुक्त के निजी स्टाफ से इसकी शुरूआत की गई है। इसके लिए तीन सदस्यीय रेडक्रॉस टीम बनाई गई है। जो सभी सरकारी कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से जाकर कपड़े का थैला उपलब्ध करवाएंगे। अभी तक 25 हजार से अधिक कपड़े के थैले विभिन्न स्कूलों व लोगों को उपलब्ध करवाए गए हैं।